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गुजरात के राजकोट और असम के करीमगंज में महसूस हुए भूकंप के झटके

गुजरात और असम में भूकंप के झटके (फाइल फोटो)

गुजरात के राजकोट (Rajkot) , असम के करीमगंज (Karimganj) और हिमाचल प्रदेश के ऊना में भूकंप के झटके महसूस किए गये.

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    अहमदाबाद. गुजरात स्थित राजकोट (Rajkot) में और असम के करीमगंज (Karimganj) में भूकंप के झटके महसूस किए गये. बताया गया कि राजकोट में 4.5 रिक्टर स्केल का भूकंप आया और असम के करीमगंज में भूकंप की तीव्रता 4.1 रिक्टर स्केल थी. समाचार लिखे जाने तक किसी के भी हताहत होने की जानकारी नहीं थी.

    वहीं हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से भूकंप के हल्के झटके लगे हैं. इस बार ऊना (Una) जिले में भूकंप आया है. यहां गुरुवार तड़के जिले में हल्का भूंकप आया है. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्कैल पर 2.3 मापी गई है. जमीन से दस किमी अंदर इसका केंद्र था. सुबह 4 बजकर 47 मिनट पर हल्के झटके लगे हैं.

    गुजरात में भूकंप का केंद्र राजकोट में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था. भूकंप के झटके सुबह सात बजकर 40 मिनट पर महसूस किए गए. असम में भूकंप का केंद्र करीमगंज जिले में जमीन से 18 किलोमीटर की गहराई में था. वहां भूकंप के झटके सुबह सात बजकर 57 मिनट पर महसूस किए गए.

    मिजोरम में भी आया था भूकंप
    इससे पहले मिजोरम में गुरुवार को 4.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटके भारत-म्यामां सीमा पर स्थित चंफाई जिले में मुख्य रूप से महसूस किए गए. तीन सप्ताह में पूर्वोत्तर के इस पहाड़ी राज्य में भूकंप के यह झटके आठवीं बार महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केन्द्र के अनुसार अपराह्न दो बज कर 28 मिनट पर आए भूकंप का केन्द्र चंफाई शहर से 23 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में था.
    बता दें पिछले करीब तीन महीने से देशभर के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम या उससे कम तीव्रता के भूकंप आते रहे हैं. अब तक दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, जम्मू कश्मीर, मिजोरम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि कई राज्यों में ये भूकंप आए हैं जिसके चलते लोगों के मन में इसे लेकर काफी दहशत भी है.


    हालांकि, इनमें से कहीं भी भूकंप के चलते किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई. भूकंप के चलते गुजरात और मिजोरम में लोगों के घरों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं या वे क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इतनी जल्दी-जल्दी आ रहे इन भूकंप के झटकों ने वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया है.

    Published by:Rahul Sankrityayan
    First published: