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गुजरात चुनाव 2017: दूसरे चरण की वोटिंग की A टू Z जानकारी

News18Hindi
Updated: December 13, 2017, 8:38 PM IST
गुजरात चुनाव 2017: दूसरे चरण की वोटिंग की A टू Z जानकारी
इस सीट का ऐसा राजनीतिक इतिहास है, जिसे बदलने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

गुजरात में दूसरे चरण का मतदान 14 दिसंबर को होगा जिसमें 93 विधानसभा क्षेत्रों में 25,515 मतदान केन्‍द्रों पर वोट डाले जाएंगे.

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  • Last Updated: December 13, 2017, 8:38 PM IST
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गुजरात में दूसरे चरण का मतदान 14 दिसंबर को होगा जिसमें 93 विधानसभा क्षेत्रों में 25,515 मतदान केन्‍द्रों पर वोट डाले जाएंगे. इन मतदान केन्‍द्रों के लिए आयोग ने 40,027 मतपत्र इकाइयां, 32,633 नियंत्रण इकाइयां और 35061 वीवीपेट तैनात किए हैं.

गुजरात में 50,128 मतदान केन्‍द्र हैं जिनमें 81,860 मतपत्र इकाइयां, 66,358 नियंत्रण इकाइयां और 71,564 वीवीपेट लगाए गए हैं. पहले चरण का मतदान सफलतापूर्वक समाप्‍त हो चुका है जिसमें 66.75 प्रतिशत मतदाताओं ने स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और पारदर्शी तरीके से अपने मताधिकार का उपयोग किया.

आयोग ने गुजरात में चुनाव से जुड़े कर्मचारियों के लिए विस्‍तृत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की व्‍यवस्‍था की. अब तक 3,350 बैच में मतदान कर्मचारियों, क्षेत्र अधिकारियों और नोडल अधिकारियों सहित 1,93,962 मतदान कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. इन सभी मतदान कर्मचारियों को ईवीएम और वीवीपेट के काम काज के विभिन्‍न पहलुओं के बारे में प्रशिक्षण दिया गया है. प्रथम स्‍तर की जांच के बाद ईवीएम और वीवीपेट को 24 घंटे की सुरक्षा और सीसीटीवी कवरेज के अंतर्गत सुरक्षित कमरे में रखा जाता है.

ईवीएम और वीवीपेट की आकस्मिक निगरानी

ईवीएम और वीवीपेट की दो बार आकस्मिक निगरानी की जाती है. पहली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र को मशीन का आवंटन करते समय और दूसरी इन्‍हें अलग-अलग मतदान केन्‍द्रों में इस्‍तेमाल के लिए वितरित करने से पहले उम्‍मीदवारों अथवा उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मतदान केन्‍द्रों पर की जाती है.

आकस्मिक निगरानी का कार्य डीईओ द्वारा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों/उम्‍मीदवारों की उपस्थिति में ईवीएम ट्रेकिंग सॉफ्टवेयर के जरिए किया जाता है ताकि पूरी पारदर्शिता रहे. किसी विशेष मतदान केन्‍द्र को आवंटित की गई क्रम संख्‍या वाली ईवीएम और वीवीपेट की सूची राजनैतिक दलों एवं उम्‍मीदवारों को दी जाती है.


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ईवीएम और वीवीपेट में उम्‍मीदवार का समायोजन
गुजरात में दूसरे चरण के मतदान के लिए ईवीएम और वीवीपेट में उम्‍मीदवार के समायोजन का कार्य चुनाव लड़ रहे उम्‍मीदवारों अथवा उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरा हो चुका है. इसके लिए चुनाव लड़ रहे उम्‍मीदवारों को निर्वाचित अधिकारी द्वारा पहले से ही लिखित सूचना के जरिए आमंत्रित किया जाता है.

कड़ी पहरेदारी में ईवीएम और वीवीपेट
ईवीएम और वीवीपेट में उम्‍मीदवार का समायोजन एक हॉल में किया गया. हॉल में प्रत्‍येक प्रवेश द्वार में सुरक्षा कर्मियों का पहरा है और दरवाजे पर मेटल डिटेक्‍टर लगाया गया है. प्रत्‍येक द्वार से प्रवेश करने वाले व्‍यक्ति की तलाशी ली जाती है और केवल अधिकृत अधिकारियों को ही हॉल में प्रवेश करने की इजाजत दी जाती है.

वर्णमाला के क्रम में उम्‍मीदवारों के नाम
यह गौर करने लायक है कि मत पत्र पर उम्‍मीदवारों के नाम वर्णमाला के क्रम में होते हैं. सबसे पहले राष्‍ट्रीय और राज्‍य स्‍तर के मान्‍यता प्राप्‍त दल, इसके बाद राज्‍य के अन्‍य पंजीकृत दल और उसके बाद निर्दलियों के नाम होते हैं. जिस क्रम में मतपत्र पर उम्‍मीदवार दिखाई देता है वहीं उम्‍मीदवार का नाम और पार्टी से उनके जुड़ाव का पहले से पता नहीं लगाया जा सकता है.

मतपत्र पर उम्‍मीदवारों के क्रम में नाम की व्‍यवस्‍था से मतों में धांधली के लिए सॉफ्टवेयर में पहले से ही गड़बड़ी की संभावना नहीं रहती. किसी विशेष राजनैतिक दल के उम्‍मीदवारों की क्रम संख्‍या प्रत्‍येक निर्वाचन क्षेत्र में अलग-अलग होगी और उसका पहले से पता नहीं लगाया जा सकता जिससे गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं रहती.

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हो रहे चुनावों के लिए, आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और विश्‍वसनीयता के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रति निर्वाचन क्षेत्र के अचानक चुने गए एक मतदान केन्‍द्र में वीवीपेट पेपर स्लिप का अनिवार्य सत्‍यापन करने का फैसला किया है. गुजरात में कम से कम 182 मतदान केन्‍द्रों और हिमाचल प्रदेश में 68 मतदान केन्‍द्रों पर मतगणना की प्रक्रिया के दौरान वीवीपेट पेपर स्लिप की दोबारा गिनती के जरिए अनिवार्य सत्‍यापन किया जाएगा.

मतों की गिनती पूरा होने के बाद, नियंत्रण इकाइयों और वीवीपेट को दोबारा सील किया जाएगा और फिर उन्‍हें सुरक्षित कक्ष में रख दिया जाएगा.

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First published: December 13, 2017, 6:55 PM IST
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