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गुजरात: इलाज के लिए नहीं थे पैसे, तो लाचार पिता ने 9 साल के बेटे की गला दबाकर की हत्या

पुलिस ने आरोपियों से एक लाख रुपये से अधिक की नकदी, लगभग तीन करोड़ रूपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए हैं. (सांकेतिक फोटो)

पुलिस ने आरोपियों से एक लाख रुपये से अधिक की नकदी, लगभग तीन करोड़ रूपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए हैं. (सांकेतिक फोटो)

Gujarat News: मुंद्रा पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 11:39 AM IST
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अहमदाबाद. गुजरात के कच्छ जिले में आर्थिक तंगी के कारण एक पिता ने अपने 9 साल के बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी. परिवार नेपाल से यहां मजदूरी के लिए आया था और काफी समय से यहां स्थाई तौर पर रह रहा था. मृतक दिनेश की छह साल की बहन ने खुलासा किया कि 'मेरे पिता ने मेरे भाई को मार डाला.' यह मामला कच्छ के मुंद्रा है. दरअसल, आर्थिक तंगी के कारण पिता अपने 9 साल के अपंग बेटे का इलाज करा सकने में सक्षम नहीं था और इसीलिए मजबूरी में उसने बेटे की गला रेंतकर हत्या कर दी.


मुंद्रा पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. दूसरी ओर इस मामले में कोई
यह मामला उन परिवारों के लिए एक आंख खोलने वाला है जो पानी की तरह पैसे का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि एक पिता ने अपने बेटे की हत्या कर दी है और पैसे की कमी के कारण जीवन को अलविदा कह दिया.


नेपाल के मूल निवासी और मुंद्रा के जलारमनगर में लंबे समय से रहने वाले हरीश कामी के 9 वर्षीय बेटे दिनेश की सोमवार दोपहर एक अक्षम्य कारण से मृत्यु हो गई. अपने बेटे की मौत के बाद हरीश ने मुंद्रा में रहने वाले परिवार के अन्य सदस्यों को सूचित किया. हरीश के 55 वर्षीय चाचा नयनसिंह लक्ष्मण सिंह कामी, जो मुंद्रा में रहते हैं और एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते हैं, अपने भतीजे के घर पहुंचे. यह मानते हुए कि दिनेश की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई थी, वे उसके शव को शाम 4 बजे एक ऑटोरिक्शा में नाना कपया के पास झील में ले गए. जहां एक गड्ढा खोदा गया और दिनेश को दफनाया गया.


सभी रिश्तेदारों का मानना ​​था कि दिनेश की मौत एक प्राकृतिक बीमारी के कारण हुई थी, लेकिन देर शाम दिनेश की छह साल की बहन ने चाचा नयन सिंह को बताया कि मेरे पिता ने उसके भाई की हत्या कर दी है. छोटी बच्ची द्वारा किए गए खुलासे से हर कोई हैरान था. जब रिश्तेदारों ने हरीश से तीखे सवाल पूछना शुरू किया कि उनके बेटे की मौत कैसे हुई, तो उन्होंने गोलमोल जवाब देना शुरू कर दिया. ताकि उस पर किसी को कई संदेह ना हो जाए.






आखिरकार काका नयन सिंह ने अन्य रिश्तेदारों के साथ मुंद्रा पुलिस स्टेशन को घटना की सूचना दी. पुलिस ने घटना पर ध्यान दिया और जांच के लिए शव को निकाला गया और फिश शव को पोस्टमार्टम के लिए जामनगर भेजा गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ की बच्चे की हत्या की गई हैं. इस मामले में डीएसपी जेएन पंचाल का कहना है कि परिवार आर्थिक तंगी की हालत में था, जिसकी वजह से यह वारदात हुई.

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