गुजरातः कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारियां शुरू, 75 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करेगी सरकार

स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालने वाले पटेल ने कहा, “हमने ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने पर काम शुरू कर दिया है

स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालने वाले पटेल ने कहा, “हमने ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने पर काम शुरू कर दिया है

उपमुख्यमंत्री ने कहा, "दूसरी लहर के दौरान सबसे खराब स्थिति में, गुजरात को 1,200 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की जरूरत थी.” पटेल ने कहा कि पीएम केयर फंड, सांसदों और विधायकों के अनुदान और परोपकार कोष से गुजरात ने और ऑक्सीजन संयंत्र लगाने पर काम करना शुरू कर दिया है."

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अहमदाबाद. गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 की तीसरी लहर (Gujarat Coronavirus third wave) की आशंका को देखते हुए मांग बढ़ने पर अतिरिक्त 300 मीट्रिक टन जीवन रक्षक गैस का उत्पादन करने के लिए 75 से अधिक ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है.

पटेल ने कहा कि फिलहाल राज्य में 800 से 900 मीट्रिक टन ऑक्सीजन किसी भी समय उपलब्ध है. उन्होंने मेहसाणा में पत्रकारों से कहा, “राज्य सरकार ने उस परिदृश्य पर काम करना शुरू कर दिया है जब महामारी की तीसरी लहर में ऐसे कोविड-19 के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है जिन्हें चिकित्सीय ऑक्सीजन की जरूरत हो.”

कहां से आएगा संयंत्र लगाने के लिए पैसा?

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “दूसरी लहर के दौरान सबसे खराब स्थिति में, गुजरात को 1,200 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की जरूरत थी.” पटेल ने कहा कि पीएम केयर फंड, सांसदों और विधायकों के अनुदान और परोपकार कोष से गुजरात ने और ऑक्सीजन संयंत्र लगाने पर काम करना शुरू कर दिया है.
उन्होंने कहा, “हमारा पहला लक्ष्य 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन करना है ताकि हम आत्मनिर्भर बन सकें, भले ही दैनिक रोगियों की संख्या 14,000 से अधिक हो.”

75 से अधिक स्थानों की पहचान की

स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालने वाले पटेल ने कहा, “हमने ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने पर काम शुरू कर दिया है और बड़े ऑक्सीजन संयंत्रों के लिए 75 से अधिक स्थानों की पहचान की है. वे विकास के विभिन्न चरणों में हैं.”




उन्होंने कहा कि बड़े सरकारी अस्पतालों, जिला स्तरीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, बड़े निजी अस्पतालों, परोपकारी न्यास द्वारा संचालित अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही है. पटेल ने कहा कि ऑक्सीजन सिलिंडरों को रीफिल करने के लिए भी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं .

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