Home /News /nation /

गिर के जंगल में बैग में मिला शेर के बच्चे का शव, बड़े रैकेट का शक

गिर के जंगल में बैग में मिला शेर के बच्चे का शव, बड़े रैकेट का शक

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

22 जुलाई को गिर अभयारण्य से केवल 200 मीटर दूर खिलावड़ गांव में एक सिंथेटिक थैले में 2 माह के शावक का शव बराबद हुआ था. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में सिर और जबड़े पर चोट के निशान पाए गए थे. आगे के पैरों पर भी चोट के निशान मिले थे.

    गुजरात का गिर वन्यजीव अभयारण्य एशियाई शेरों के अंतिम ठिकाने के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है. लेकिन इस समय इस अभयारण्य के अधिकारी मुसीबत में फंस गए हैं. पिछले सप्ताह गिर अभयारण्य के पास शेर के दो माह के एक बच्चे (शावक) का शव सिंथैटिक बैग में लिपटा हुआ मिला था.

    इस मामले में एक किसान को गिरफ्तार किया गया है और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है. आरोपी ने आखिर इस शावक को क्यों मारा? उसका मकसद क्या था? यह अभी मालूम नहीं हो सका है. सूत्रों ने न्यूज़ 18 को बताया कि यह घटना संगठित अपराध से जुड़ी है और इसमें एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं. हालांकि वन्य अधिकारियों ने इस घटना के पीछे संगठित अपराध की आशंका से इनकार किया है और कहा है कि इस प्रकरण में संगठित अपराध जैसा कुछ नहीं है.

    पढ़ेंः इंसान ही नहीं, हाथी और शेर जैसे जानवर भी होते हैं होमोसेक्शुअल

    22 जुलाई को गिर अभयारण्य से केवल 200 मीटर दूर खिलावड़ गांव में एक सिंथेटिक थैले में 2 माह के शावक का शव बराबद हुआ था. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में सिर और जबड़े पर चोट के निशान पाए गए थे. आगे के पैरों पर भी चोट के निशान मिले थे. जूनागढ़ जंगल क्षेत्र के वन के मुख्य संरक्षक डीटी वासवाधा ने न्यूज़ 18 से कहा कि इस मामले में अर्जन बारिया नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर इस अपराध के पीछे क्या मंशा थी.

    जब उनसे पूछा गया कि कहीं यह संगठित अपराध का परिणाम तो नहीं है? इस पर उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच में यह बात सामने नहीं आई है और न ही ऐसे कोई सबूत अब तक मिले हैं जिससे संगठित अपराध का शक किया जाए. उन्होंने कहा कि आरोपी ने इस शेर के बच्चे बेचने की कोशिश नहीं की और वैसे भी कोई गैंग किसी छोटे जानवर के बजाये बड़े जानवर को अपना शिकार बनाता है.

    लेकिन एक अन्य वन्य अधिकारी ने कहा कि इस मामले में एक से अधिक लोग शामिल हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी. इस मामले में अर्जन बारिया नामक व्यक्ति को 24 जुलाई को वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन ऐक्ट 1972 की विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया था. इस दौरान वन विभाग ने आरोपी की झोपड़ी से कुछ कुल्हाड़ियां और देसी हथियार भी बरामद किए हैं. अर्जन का दावा था कि वह किसान है और उसे अपनी ज़मीन पर इन सभी चीज़ों की ज़रूरत पड़ती है. हालांकि आरोपी ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ पेश नहीं कर पाया.

    इसी बीच एक अधिकारी का कहना है कि हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि आरोपी अर्जन बारिया पहले भी कहीं वन्य अपराधों में संलिप्त तो नहीं रहा है. प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि आरोपी पहले भी अवैध रूप से जंगल काटने और अवैध शराब के धंधे में लिप्त रहा है.

    Tags: Gujarat, Wildlife department

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर