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राजकोट: NCP नेता रेश्मा पटेल को डिप्टी कलेक्टर के चेंबर से बाहर निकाला! जानें क्या है मामला?

राजकोट में डिप्टी कलेक्टर के दफ्तर में भिड़ गए बीजेपी और एनसीपी नेता
राजकोट में डिप्टी कलेक्टर के दफ्तर में भिड़ गए बीजेपी और एनसीपी नेता

गुजरात में नगर निकाय (Gujarat Municipal Election 2021) के चुनाव की प्रक्रिया जारी है. राजकोट के जिलाधिकारी के दफ्तर में भारतीय जनता पार्टी और नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता आपस में भिड़ गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 6, 2021, 8:59 AM IST
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राजकोट. गुजरात में नगर निकाय (Gujarat Municipal Election 2021) के चुनाव की प्रक्रिया जारी है. वहीं शुक्रवार को राजकोट के जिलाधिकारी के दफ्तर में भारतीय जनता पार्टी और नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता आपस में भिड़ गए. दोनों ही उम्मीदवार वॉर्ड संख्या 13 के लिए पर्चा भरने पहुंचे थे. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बहसबाजी एनसीपी नेता ने पहले शुरू की.

दरअसल राजकोट स्थित वॉर्ड नंबर 13 के लिए उम्मीदवारी का पर्चा भरने के लिए भाजपा नेता उदय कानगड और एनसीपी नेता रेश्मा पटेल पहुंचे थे. इस दौरान रेश्मा पटेल ने दावा किया कि वह भाजपा नेता से पहले कलेक्टर के दफ्तर पहुंची थीं, फिर भी भाजपा नेता को पहले पर्चा भरने के लिए बुलाया गया. हंगामे के दौरान रेश्मा ने डिप्टी कलेक्टर से कहा कि हर जगह बीजेपी की गुंडागर्दी नहीं चलेगी. उन्होंने दावा किया कि सरकारी अधिकारी भेदभाव कर रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

क्या है रेश्मा पटेल का दावा?
इस दौरान भाजपा के विधायक अरविंद रयानी समेत कई नेता मौजूद थे.मीडिया से बातचीत में पटेल ने कहा कि मुझे फॉर्म भरने को लेकर डिप्टी कलेक्टर गढ़वी से बात करनी थी. लेकिन मुझे चैंबर से बाहर निकाल दिया गया. हमारे उम्मीदवारों को भी निष्कासित कर दिया गया. अधिकारी को सभी के साथ एक समान पेश आना चाहिए लेकिन वह सिर्फ भाजपा के नेताओं को तवज्जो दे रहे हैं.





दूसरी ओर बीजेपी नेता उदय कानगड ने कहा, हमने कुछ भी गलत नहीं किया है.  फॉर्म भरने की हमारी प्रक्रिया जारी थी. इसी दौरान पटेल  आठ से दस लोगों के साथ फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर से सीधे झगड़ा करने लगीं. उस समय मैंने रेश्मा बेन पटेल से कहा कि हमारा फॉर्म भर जाए फिर आप भी भर लें. जिस पर तब रेश्माबेन गुस्सा हो गईं और आदतन सस्ते प्रचार के लिए मीडिया से बात की और बेवजह की बहस की.

मिली जानकारी के अनुसार जब रेश्मा ने अधिकारी के कमरे में जोर से बोलना शुरू किया, तो निर्देश दिए जाने के बाद उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया गया.
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