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गुजरात निकाय चुनाव में बढ़ी AIMIM की धमक, गोधरा और मोडासा में बनी मुख्य विपक्षी

ओवैसी ने गुजरात में खोला खाता. (File pic)

ओवैसी ने गुजरात में खोला खाता. (File pic)

अहमदाबाद की सात सीटों पर जीत के बाद अब खबर आ रही है कि AIMIM ने गोधरा (Godhra) और मोडासा (Modasa) नगर पालिका में मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है.

  • Last Updated: March 2, 2021, 9:03 PM IST
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अहमदाबाद. गुजरात निकाय चुनाव (Gujarat Municipal Election) में पहली बार चुनाव लड़ रही असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई AIMIM की धमक बढ़ रही है. अहमदाबाद की सात सीटों पर जीत के बाद अब AIMIM गोधरा और मोडासा नगर पालिका में मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है. मोडासा में एआईएमआईएम को 7 सीटें हासिल हुई हैं. मोडासा में बीजेपी ने 19 सीटें जीती हैं और कांग्रेस को महज तीन सीटें ही मिली हैं.

वहीं गोधरा में में बीजेपी को 18 सीटें मिली हैं. AIMIM को 7 सीटें मिली हैं. कांग्रेस को महज एक सीट से संतोष करना पड़ा है. अन्य को 18 सीटें हासिल हुई हैं. बीते सप्ताह चुनावी कामयाबी के बाद ओवैसी ने गुजरात की जनता का धन्यवाद दिया था.

गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया है
गौरतलब है कि पूरे गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया है. राज्य में बीजेपी की जीत ने एक बार साबित कर दिया है कि उसके वोटबैंक में सेंध लगाना आसान नहीं है. कांग्रेस के लिए ये चुनाव बेहद निराशाजनक रहे हैं. हालांकि आम आदमी पार्टी और एमआईएम के लिए ये चुनाव खुशी देने वाले रहे हैं. जहां एक तरफ आप सूरत में 27 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल बनने में कामयाब रही है तो वहीं एमआईएम ने पहले अहमदाबाद में सात सीटें जीती और अब मोडासा और गोधरा में कामयाबी की खबरें आई हैं.
केजरीवाल ने सूरत में किया रोडशो


गुजरात के सूरत शहर में नगर निगम के चुनावों में अपनी पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल लोगों का 'शुक्रिया' अदा करने के लिए सूरत पहुंचे थे. माना जा रहा है कि सूरत में आप की शानदार जीत के लिए मुख्य वजह पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) का समर्थन मिलना रहा. हार्दिक पटेल के नेतृत्व में इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी. पटेल अभी गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं.

गुजरात के स्थानिय निकाय चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत

231 तहसील पंचायतो में से 196 भाजपा ने जीती, 33 कांग्रेस ने जीती

31 जिला पंचायतो में से 31 में भाजपा को मिली जीत, कांग्रेस की करारी हार

81 नगर निगम में से 75 भाजपा, 3 कांग्रेस ओर 3 निर्दलीय कैंडिडेंट की जीत
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