डीयू में नहीं पढ़ाई जाएंगी गुजरात और मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित कहानियां

विभाग के प्रमुख राज कुमार ने कहा कि हमने इंग्लिश कोर्स से गुजरात और मुजफ्फरनगर की कहानियों को हटा दिया है. हम किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं.

News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 10:31 AM IST
डीयू में नहीं पढ़ाई जाएंगी गुजरात और मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित कहानियां
दिल्ली यूनिवर्सिी कैंपस का फाइल फोटो
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Updated: July 19, 2019, 10:31 AM IST
(इरम आघा)

दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग ने स्नातक पाठ्यक्रम से विवादास्पद सामग्री को हटाने का फैसला किया है. छात्र गुजरात दंगों पर आधारित 'मनिबेन उर्फ बिबिजान' का अध्ययन नहीं करेंगे. इसके साथ ही मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित सामग्री को भी हटा दिया गया है.

विभाग ने अपने पाठ्यक्रम में संशोधन किया है, जिसमें दंगों के अलावा एलजीबीटीक्यू इतिहास को शामिल किया गया था. अकादमिक परिषद की स्थायी समिति द्वारा दंगों और समलैंगिकता पर आधारित सामग्री पर आपत्ति जताए जाने के एक दिन बाद यह बदलाव किया गया.

विभाग के प्रमुख राज कुमार ने कहा, "हमने इंग्लिश कोर्स से गुजरात और मुजफ्फरनगर की कहानियों को हटा दिया है. हम किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं. हमारा विभाग किसी भी समुदाय अथवा व्यक्ति की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता है."

उन्होंने आगे कहा, "समलैंगिकता आधारित विषय को भी हटा दिया गया है. आप इन बातों की व्याख्या कैसे करते हैं यह भी मायने रखता है. कोई भी सिलेबस परफेक्ट नहीं है. लोगों ने आपत्ति जताई क्योंकि उन्होंने अपने तरीके से व्याख्या की."

अकादमिक परिषद और नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के सदस्य रसल सिंह ने न्यूज18 से कहा, "गुजरात और मुजफ्फरनगर की कहानियों में संघ से जुड़े संगठनों जैसे- बजरंग दल और वैदिक शाखाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है. पाठ्यक्रम में हमारे देवताओं को समलैंगिकों के रूप में दिखाया गया और भागवत पुराण, स्कंद पुराण और भारतीय ज्ञान परंपराओं के ग्रंथों का संदर्भ दिया गया है."

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First published: July 19, 2019, 10:31 AM IST
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