गुजरात : जिस विधायक पर हत्या-दंगा भड़काने का केस, उसे बना दिया पुलिस शिकायत केंद्र का सदस्य

गुजरात : जिस विधायक पर हत्या-दंगा भड़काने का केस, उसे बना दिया पुलिस शिकायत केंद्र का सदस्य
कंधाल जडेजा 'गॉडमदर' संतोकबेन जडेजा के बड़े बेटे हैं. (Twitter)

पोरबंदर जिले की कुतियाना विधानसभा (Kutiyana constituency) से विधायक कंधाल जडेजा (Kandhal Jadeja)'गॉडमदर' के नाम से मशहूर संतोकबेन जडेजा के बेटे हैं. उन पर 15 गंभीर धाराओं में आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 26, 2020, 11:24 AM IST
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अहमदाबाद. गुजरात में बीजेपी सरकार एक फैसले को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गई है. गुजरात सरकार ने 46 जिलों में 46 विधायकों को जिला पुलिस शिकायत केंद्र (District Police Complaints Authority) का सदस्य बनाया है. इनमें नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) से विधायक कंधाल जडेजा (Kandhal Jadeja) की सदस्यता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. पोरबंदर जिले की कुतियाना विधानसभा (Kutiyana constituency) से विधायक कंधाल जडेजा 'गॉडमदर' के नाम से मशहूर संतोकबेन जडेजा के बेटे हैं. उन पर 15 गंभीर धाराओं में आपराधिक मामले दर्ज हैं.

कंधाल जडेजा 'गॉडमदर' संतोकबेन जडेजा के बड़े बेटे हैं. 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन पर बंदूक तानने, विस्फोटक रखने, रंगदारी मांगने, मारपीट करने, फर्जीवाड़ा करने और पुलिस कस्टडी से भागने समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं. कंधाल जडेजा पर दर्ज मामले में तीन दंगा भड़काने के आरोप हैं, जो उनके विधायक रहते हुए दर्ज हुए हैं. कुल 15 मामलों में 10 पोरबंदर जिले में, 3 राजकोट और 2 अहमदाबाद शहर में दर्ज हुए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, कंधाल 1994 से ही क्राइम की दुनिया में एक्टिव हो गए थे. उसी साल उन्हें गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने का आरोपी बनाया गया था. वह 1995 में बहुचर्चित प्रकाश मोढ़ा और 2005 में केशु ओडेडेरा मर्डर केस में ट्रायल का सामना कर चुके हैं. यही नहीं, कंधाल की बीवी रेखा जडेजा की भी हत्या हो चुकी है.



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बता दें कि जिला पुलिस शिकायत केंद्र एक ऐसा मंच है जहां कोई भी व्यक्ति जाकर जिले के किसी भी रैंक के पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत कर सकता है. गुजरात पुलिस अधिनियम के अनुसार, जिला पुलिस शिकायत केंद्र पुलिस अधिकारियों से ड्यूटी के दौरान कर्तव्य का पालन न करना, अपमान करना, शक्तियों का दुरुपयोग करना और ऐसे अन्य मामलों के बारे में पूछताछ कर सकता है.

यही नहीं राज्य सरकार को इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया जा सकता है. केद्र पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कदाचार की शिकायतों के मामलों में विभागीय पूछताछ की प्रगति की निगरानी भी कर सकता है.

बता दें कि पोरबंदर से महज 40 किमी दूर बसा कुतियाना कस्बा 'गॉडमदर' संतोक बेन जडेजा की नगरी के नाम से मशहूर है. यह नाम उन्हें उनकी बायोपिक फिल्म 'गॉडमदर' की वजह से मिला, जिसमें इनका किरदार शबाना आजमी ने निभाया था. संतोक बेन जडेजा के जुर्म का संसार पोरबंदर तक सीमित नहीं था. उसने अंडरवर्ल्ड से भी कनेक्शन्स बना रखे थे. उसे अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला का करीबी माना जाता था. संतोक बेन मौत से पहले अपने परिवार की नई पीढ़ी की मौत की गवाह भी बनीं. जनवरी 2007 में उनके 23 साल के भतीजे नवघन अरसी की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

साल 2006 में संतोक बेन के छोटे बेटे करण ने कंधल जडेजा की पत्नी और अपनी भाभी रेखा का मर्डर किया था. संतोकबेन रेखा को अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहती थी, यही बात करण को खटकती थी. संतोक बेन की अप्रैल 2011 में हार्ट अटैक की वजह से मौत हो गई.
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