"मैं तेरे बाप की नौकर नहीं हूं!" पढ़ें कॉन्स्टेबल सुनीता यादव और सूरत के MLA के बेटे की पूरी बहस

महिला कॉन्टेबल सुनिता यादव (वीडियो ग्रैब)

सूरत (Surat) से विधायक कुमार कानाणी (Kumar Kanani) के पुत्र प्रकाश और सूरत शहर की महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता यादव (Sunita Yadav) के बीच हुई बहस चर्चा में है. ये बहस कर्फ्यू के दौरान बगैर मास्क रात को घूम रहे मंत्री के बेटे के दोस्तों को सुनीता के रोकने के चलते हुई.

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  • Last Updated: July 12, 2020, 11:31 PM IST
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अहमदाबाद. गुजरात (Gujarat) के आरोग्य मंत्री और सूरत (Surat) से विधायक कुमार कानाणी (Kumar Kanani) के बेटे प्रकाश और सूरत शहर की महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता यादव (Sunita Yadav) के बीच हुई बहस चर्चा में है. ये बहस कर्फ्यू के दौरान बगैर मास्क रात को घूम रहे मंत्री के बेटे के दोस्तों को सुनीता के रोकने के चलते हुई. इनको छुड़ाने आये प्रकाश के साथ हुई बहस सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो गई और लोगों ने सुनीता को सोशल मीडिया में स्टार बना दिया है.

कुछ लोग उसे यंग किरण बेदी (Kiran Bedi) तक बता रहे हैं तो कुछ उसे लेडी सिंघम कह रहे हैं. हालांकि इस मामले में कुमार कानाणी के बेटे के खिलाफ सूरत पुलिस ने मुकदमा दर्द करके उनको हिरासत में ले लिया है. यही नहीं इस मामले में मिसबिहेवियर की शिकायत के तहत सुनीता के खिलाफ भी जांच के आदेश दिये गये हैं. हालांकि प्रकाश और सुनीता के बीच हुई इस बातचीत को लेकर बहुत चर्चा हो रही है. आइये हम आपको बताते हैं कि पुलिस कॉनस्टेबल सुनीता यादव और प्रकाश के बीच क्या बातचीत हुई..

बातचीत के अंश



प्रकाश : यह मेरा दोस्त है, मैं इसे समझाने आया हूं. ये मेरे भाई जैसा दोस्त है.
सुनीता : आप गुजरात सरकार में कौन से ओहदे पर हैं. आपकी कार मे एमएलए लिखी हुई प्लेट क्यों है?
प्रकाश : जी मैडम मैं प्लेट हटा लेता हूं. यह कार मेरे पिताजी की है. वे यहां के विधायक हैं और राज्य के आरोग्य मंत्री हैं.
सुनीता : क्या नाम है उनका? क्या आप उनको बता के आये है कि आप कर्फ्यू में बाहर निकले हैं? मेरी बात कराइए उनसे.
प्रकाश : जी मैं समाज सेवा करता हूं. आप भी समाज सेवा में हैं. मैं इन्हें समझाने आया हूं (पिता कुमार कानाणी को फोन लगाते हैं)
सुनीता : नमस्कार साहब! आप कुमार कानाणी बोल रहे हैं? क्या आपको मालूम है कि आपके पुत्र कर्फ्यू तोड़कर बाहर निकले हैं. क्या वे फोन पर बात नहीं कर सकते थे?
कुमार कानाणी : आप मेरा इन्टेरोगेशन कर रही हैं?
सुनीता : नहीं साहब मैं पूछ रही हूं. और आपकी कार में एमएलए की प्लेट लगी है तो क्या यह ठीक है कि आपका बेटा आपकी कार लेकर घूम सकता है?
कुमार कानाणी : अगर उसने कोई गैरकानूनी काम किया हो तो आप कार्रवाई कर सकती हैं. आप मुझे कायदे का ज्ञान मत दीजिए
सुनीता : ठीक है साहब ठीक है
सुनीता : (वराछा पुलिस इंस्पेक्टर से) सर यहां कुछ लोग मिले हैं मास्क नहीं पहना है और उनको छुड़वाने मंत्री कानाणी के बेटे आये हैं.
वराछा पुलिस इंस्पेक्टर : आपकी ड्यूटी क्या है?
सुनीता : सर जो भी कर्फ्यू में निकले उनको रोकना
वराछा पुलिस इंस्पेक्टर : मैंने आपको क्लियर समझाया था की वहां पर डायमंड का एक भी यूनिट खुला नहीं रहना चाहिये, यह आपकी ड्यूटी है. आप के खिलाफ इससे पहले भी बिहेवियर की शिकायत मिली है आप जानती हैं क्या?


सुनीता : जी सर मे जानना चाहती हूं, मेरी ड्यूटी क्या है?
प्रकाश : मैं अगर चाहूं तो तुम्हें 365 दिन यहां खड़ा रखवा सकता हूं
सुनीता : सुन ले मैं तेरे बाप की नौकर नहीं हूं. तू कैसे मेरे को बोल सकता है कि 365 दिन खड़ा रखवायेगा. तेरी औकात क्या है, तू है कौन?
सुनीता : इस खाकी वर्दी का पावर इतना है की इस वक्त अगर प्रधानमंत्री भी आ जाएं तो उनको भी खड़ा करवा सकती हूं. मुझे मेरे साहब ने यहां से जाने के लिये बोला है इसलिए जा रही हूं वरना तुम जैसे लफंगों से निपटना मुझे अच्छी तरह आता है.
सुनीता : हम अगर दस मिनट भी लेट हो जाएं तो 2500 रूपये का जुर्माना लगता है. कैप भूल जायें तो जुर्माना लगता है और तुम लोग हंस रहे हो. नाम याद रखना मेरा सुनीता यादव तेरे में ताकत हो तो मेरा तबादला करवा के दिखाना.
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