अजमेर ब्लास्ट दोषी का गुजरात में जबरदस्त स्वागत, पहनाई गई माला, हुई आतिशबाजी

भावेश पटेल को 2007 में अजमेर धमाके में दोषी करार दिया गया था. राजस्थान हाईकोर्ट ने भावेश की उम्र कैद की सज़ा स्थगित कर जमानत दी है.

News18India
Updated: September 5, 2018, 4:58 PM IST
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अजमेर धमाके के दोषी भावेश पटेल का गुजरात के भरूच में अपने गृह नगर पहुंचने पर हीरो की तरह ज़ोरदार स्वागत हुआ. लोग बड़ी संख्या में भावेश का स्वागत करने पहुंचे थे. लोगों ने भावेश को मालाएं पहनाईं और पटाखे जलाए. इस दौरान कुछ लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए.

भावेश पटेल को 2007 में अजमेर धमाके में दोषी करार दिया गया था. राजस्थान हाईकोर्ट ने भावेश की उम्र कैद की सज़ा स्थगित कर जमानत दी है. अजमेर धमाके में तीन लोगों की मौत हुई थी जबकि 15 लोग घायल हुए थे.

क्या है अजमेर धमाका केस?-
11 अक्टूबर 2007 ख़्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की​ दरगाह में धमाका हुआ था. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी. 15 लोग घायल. इस पूरे केस में 184 लोगों के बयान दर्ज हुए. जिसमें बाद में 26 गवाह अपने बयान से पलट गए थे.

कौन है भावेश पटेल?

भावेश पटेल अजमेर धमाका केस में दोषी साबित हुए थे. राजस्थान हाइकोर्ट से उन्हें उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई.भावेश गुजरात के भरुच का निवासी हैं. दरगाह में विस्फोटक रखने का दोषी साबित हुए हैं. उनके नाम से सभावेश पटेल के नाम पर सिम कार्ड खरीदा गया था. 2010 में NIA ने भावेश को गिरफ़्तार किया था.

वहीं जिस हिंदूवादी संगठन ने उनका स्वागत किया है उनका दावा है कि स्वागत बम बलास्ट के दोषी होने पर नहीं किया गया. वो सन्यासी बनें हैं, अब उनका नाम स्वामी मुक्तामानंद हो गया है. देखें रिपोर्ट.
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