गुपकार ग्रुप के नेता कश्मीर में बना रहे खास प्लान, घाटी में बढ़ी सियासी हलचल

पीपुल अलाएंस की बैठक महबूबा के घर पर हुई.
पीपुल अलाएंस की बैठक महबूबा के घर पर हुई.

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आर्टिकल 370 (Article 370) ब​हाल करने के लिए लगभग 7 राजनीतिक दलों के गुट पीपल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन ने जनता तक अपनी बात पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 5:43 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की सियायत में एक बार फिर हलचल तेज होती दिखाई दे रही है. जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जे की बहाली को लेकर बने गुपकार ग्रुप (Gupkar group) के नेताओं ने जनता तक अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए राजनीतिक बैठकें तेज कर दी हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्‍दुल्‍ला (Farooq Abdullah) को गुपकार अलायंस का नेता चुना गया है.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अर्टिकल 370 ब​हाल करने के लिए लगभग 7 राजनीतिक दलों के गुट पीपल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन ने जनता तक अपनी बात पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है. इस ग्रुप से जुड़े नेताओं का कहना है कि हम जनता तक जाएंगे और अपनी बात उन तक पहुंचाएंगे. उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां साथ में बैठकर इस पर विचार कर रही हैं और आगे की रणनीति तैयार कर रही हैं. गुपकार गुट पंचायत और डिस्ट्रिक्‍ट डेवलपेमंट काउंसिल के चुनावों में हिस्‍सा लेने की संभावना पर भी विचार कर रहा है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में जल्द ही ये चुनाव होने वाले हैं.


जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जे की बहाली को लेकर शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के आवास पर गुपकार अलायंस की बैठक रखी गई थी. इस बैठक में नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के नेता फारूक अब्‍दुल्‍ला को गुट का चेयरमैन बनाया गया. बता दें कि गुपकार अलायंस को लेकर 15 अक्टूबर को प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर कश्मीर में 7 पार्टियों ने हामी भरी थी.






रविशंकर प्रसाद के ट्वीट पर अब्दुल्ला का पलटवार
इससे पहले जम्‍मू-कश्‍मीर के विशेष दर्जे की बहाली पर शनिवार को रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट करते हुए कहा कि अनुच्‍छेद 370 फिर से बहाल नहीं हो पाएगा क्‍योंकि उसे विधिवत संवैधानिक प्रकिया के जरिए हटाया गया है. इस पर उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा, 'प्रिय रविशंकर प्रसाद जी, हम आपसे किसी चीज की बहाली की उम्‍मीद नहीं कर रहे.' उन्होंने कहा कि अगर आप यह नहीं जताना चाह रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने आपके सामने समर्पण कर दिया है और वो आपके आदेश पर काम करती है तो कृपया पहले से यह अंदाजा न लगाएं कि सम्‍मानित जज क्‍या फैसला लेंगे.

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