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हिंदू मौजपुर-मुस्लिम जाफराबाद के बीच गुरुद्वारा मोहल्‍ला के लोग ऐसे कर रहे एकदूसरे की सुरक्षा

News18Hindi
Updated: February 26, 2020, 4:53 PM IST
हिंदू मौजपुर-मुस्लिम जाफराबाद के बीच गुरुद्वारा मोहल्‍ला के लोग ऐसे कर रहे एकदूसरे की सुरक्षा
मौजपुर और जाफराबाद के बीच फंसे गुरुद्वारा मोहल्‍ला के लोग मेन गेट को दुरुस्‍त करा रहे हैं ताकि उपद्रवी जबरन कॉलोनी में नहीं घुस पाएं.

उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली (Northeast Delhi) के गुरुद्वारा मोहल्‍ला (Gurudwara Mohalla) में हिंदू, मुस्लिम और सिख दशकों से शांति (Peacefully) से रहते आए हैं. गुरुद्वारा मोहल्‍ला हिंदू बहुल मौजपुर (Maujpur) और मुस्लिम बहुल जाफराबाद (Jaffrabad) की सीमा पर बसा है. गुरुद्वारा मोहल्‍ला के लोग दोनों ओर से आने वाले उपद्रवियों को कॉलोनी में घुसने नहीं दे रहे हैं. उनका कहना है कि हम किसी को यहां नहीं घुसने देंगे.

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  • Last Updated: February 26, 2020, 4:53 PM IST
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सुहास मुंशी/शिवांश शर्मा

नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में दो दिन से हिंसा (Violence in Delhi) हो रही है. हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है. हिंदू बहुल मौजपुर (Maujpur) और मुस्लिम बहुल जाफराबाद (Jaffrabad) इससे खासा प्रभावित है. इन दोनों इलाकों की सीमा पर गुरुद्वारा मोहल्‍ला (Gurudwara Mohalla) है. गुरुद्वरा मोहल्‍ला के लोग दोनों इलाकों में शांति बहाली का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. इस इलाके के धर्मेंद्र ने कहा कि हमारे मोहल्‍ले के एक तरफ मौजपुर तो दूसरी ओर जाफराबाद है. हमें अपनी सुरक्षा (Security) के लिए ज्‍यादा सतर्कता (Extra Cautious) बरतनी पड़ रही है. इस दौरान वह अपनी कॉलोनी के मेन गेट की मरम्‍मत करा रहे थे.

एकदूसरे की सलामती को लेकर चिंतित हैं कॉलोनी के लोग
गुरुद्वारा मोहल्‍ला में हिंदू (Hindus), मुस्लिम (Muslims) और सिख (Sikhs) दशकों से शांति से एकसाथ रह रहे हैं. उपद्रव के दौरान भी इस कॉलोनी के लोग एकदूसरे की सलामती को लेकर चिंतित थे. धर्मेंद्र ने कहा कि अगर हमें किसी वजह से आपात स्थिति में कॉलोनी से बाहर निकलना पड़े तो मौजपुर की तरफ से हिंदूओं और जाफराबाद की ओर से मुस्लिमों के बीच घिर जाएंगे. ऐसे में हम अपने घरों में ही रहने की कोशिश कर रहे हैं. बहुत ही जरूरी होने पर हम अपने घरों से निकल रहे हैं.



जाफराबाद से मौजपुर की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस ने रोका
गुरुद्वारा मोहल्‍ला के दीपक ने बताया कि सोमवार को जाफराबाद की तरफ प्रदर्शनकारियों (Protesters) ने मौजपुर की तरफ बढ़ना शुरू किया, लेकिन पुलिस ने उन्‍हें तितर-बितर कर दिया. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी जबरन गुरुद्वारा मोहल्‍ला में घुस गए. उन्‍होंने कॉलोनी में लगे सीसीटीवी फुटेज तोड़ दिए. बाद में पुलिस ने उपद्रवियों को कॉलोनी से खदेड़ने के लिए दो आंसू गैस के गोले दागे. इनमें एक गोला एक घर में जा गिरा. इसके अलावा कॉलोनी में अब तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है. हम नहीं चाहते जो सोमवार को हुआ, वो दोबारा हो.

उपद्रवियों को रोकने के लिए कॉलोनी का मेन गेट ठीक करा रहे लोग
विकास राजपूत ने कहा कि दंगाइयों को कॉलोनी में घुसने से रोकने के लिए मेन गेट की मरम्‍मत कराई जा रही है. हम नहीं चाहते कि कोई भी प्रदर्शनकारी हमारी कॉलोनी में घुसे. हमारी कॉलोनी में धर्म को लेकर आपस में कोई मतभेद नहीं है. हम सब एक परिवार की तरह रहते हैं. हम आगे भी ऐसे ही एकजुट रहेंगे. उपद्रव में कोई भी स्‍थानीय व्‍यक्ति शामिल नहीं है. ये सब बाहरी लोग हैं. विकास ने बताया कि उन्‍होंने परिवार के साथ रहने के लिए अपने ऑफिस से अनिश्चितकालीन छुट्टी ले ली है. युवक आयुष राजपूत ने कहा कि हमारी कॉलोनी में धर्म के नाम पर कभी झगड़ा तक नहीं हुआ है. हम अपनी कॉलोनी को दंगाइयों से बचाने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं.

कॉलोनी के लोगों को लगता है, बाहर के लोग कर रहे हैं उपद्रव
गुरुद्वारा कॉलोनी में रहने वाले 55 वर्षीय अबरार अहमद को भी लगता है कि उपद्रव में बाहर के लोग शामिल हैं. उन्‍होंने कहा कि मैं अपने परिवार के साथ दशकों से यहां रह रहा हूं. हम सब भाई-बहनों की तरह रहते हैं. हिंसा की वजह से सभी के रोजमर्रा के जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है. युवक मोहम्‍मद आसिफ ने बताया कि जब उपद्रवी कॉलोनी में घुस रहे थे तो हम उन्‍हें रोकने की कोशिश कर रहे थे. हमने कॉलोनी के गेट पर बांस तक बांध दिए थे. हम पूरी रात नहीं सोए. आसिफ ने कहा कि शाहीन बाग में पहले ही विरोध चल रहा है. यहां किसी प्रदर्शन की जरूरत नहीं है. अगर कोई विरोध करना चाहता है तो दूसरों के जीवन को मुसीबत न डाले और बैठकर धरना दे.

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First published: February 26, 2020, 4:53 PM IST
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