बालाकोट का असर, हाफिज-मसूद ने अफगानिस्तान के आतंकी संगठनों से किया 'गठजोड़'!

पाक पहले से ही FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल है. इसने पाकिस्तान से मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 6:09 PM IST
बालाकोट का असर, हाफिज-मसूद ने अफगानिस्तान के आतंकी संगठनों से किया 'गठजोड़'!
पाक पहले से ही FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल है. इसने पाकिस्तान से मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है.
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Updated: July 8, 2019, 6:09 PM IST
पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के बाद आंतकियों में खौफ का माहौल है. पाक के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा, जैसे संगठन अब भारतीय सीमा से अपने बेस हटा रहे हैं. इन संगठनों ने अब पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से हाथ मिला लिया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सूत्रों ने यह जानकारी दी कि मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन लश्कर और पुलवामा हमले के का मास्टरमाइंड मसूद अजहर के संगठन जेईएम ने हक्कानी नेटवर्क और अफागनी तालिबान से हाथ मिला लिए हैं.

रिपोर्ट के अनुसार पाक के आतंकी संगठन, कांधार और कुनार से सटे इंटरनेशनल बॉर्डर के करीब अफगानिस्तान में अपने आतंकी बेस ले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि ऐसा करने के पीछे आतंकी संगठनों पर पाकिस्तानी सरकार का दबाव भी है. इस साल से आखिरी तक पाकिस्तान को टेरर फंडिंग की निगरानी करने वाली संस्था FATF के सामने खुद को ब्लैक लिस्ट होने से बचाना है. ऐसे में पाकिस्तान, दुनिया और FATF की नजरों में धूल झोंकने के लिए अपने आतंकी कैंपों को अफगान सीमा के पास ले जा रहा है.

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पाक पहले से ही FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल है. इसने पाकिस्तान से मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है.

चालाकी कर रहा है पाक

इससे पहले एक रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय दबाव और खुद को आंतकवाद के खिलाफ खड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान ने भले ही इन दोनों पर कार्रवाई शुरू करने का दावा किया हो लेकिन ये अभी तक सिर्फ दिखावा ही साबित हुआ है.
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पाकिस्तान ने भारत में हुए आतंकी हमलों में इनके शामिल होने के तथ्यों को काफी चालाकी से छिपा ले गया है. पाकिस्तान ने इन दोनों के खिलाफ की गई कार्रवाई को भारत में हुए आतंकी हमले नहीं बल्कि अन्य आतंकी मामलों को जिम्मेदार बताया है.

रिपोर्ट के अनुसार, मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के पीछे उसका ओसामा बिन लादेन के साथ रहना बताया गया है. जैश-ए-मोहम्मद सरगना अजहर के बारे में चीन की मदद से पाकिस्तान यूएन में पुलवामा हमले में उसकी संलिप्तता छिपाने में कामयाब हो गया था.

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पाकिस्तान को है डर

पाकिस्तान ने ये कार्रवाई उस चेतावनी के बाद की जब FATF की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल रखने का फैसला हुआ है. साथ ही, कहा गया है कि अगर पाकिस्तान ने सितंबर तक ठोस कदम नहीं उठाए तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है. ग्रे लिस्ट में शामिल होने से पाकिस्तान को 10 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है.

ऐसा कहा जा रहा है कि IMF का  एक्ज़िक्यूटिव बोर्ड पाकिस्तान को ऋण देने के बारे में एक रीव्यू मीटिंग करने जा रहा है. इस मामले में पाकिस्तान की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसने IMF के अधिकारियों के साथ समझौते के दौरान किए गए सभी दायित्वों को पूरा किया है. पाकिस्तान इस बात का भरोसा है कि IMF उसके 3 साल के ऋण को मंजूरी दे देगा.

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First published: July 8, 2019, 5:40 PM IST
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