नए UAPA के तहत सबसे पहले हाफिज सईद, मसूद अज़हर और दाऊद इब्राहिम पर होगी कार्रवाई

मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के भारत के प्रयासों के दौरान चीन ने भारत से एक ऐसा सवाल किया था, जिसके बाद से भारत आतंकियों के खिलाफ एक कड़े कानून की बहुत जरूरत महसूस कर रहा था.

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Updated: July 26, 2019, 7:07 PM IST
नए UAPA के तहत सबसे पहले हाफिज सईद, मसूद अज़हर और दाऊद इब्राहिम पर होगी कार्रवाई
UAPA में सबसे पहले दाऊद, हाफिज सईद और मसूद अज़हर पर हो सकती है कार्रवाई (फाइल फोटो)
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Updated: July 26, 2019, 7:07 PM IST
केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक यूएपीए कानून के तहत सबसे पहले हाफिज सईद, मसूद अज़हर और दाऊद इब्राहिम को सबसे पहले आंतकी घोषित किए जाने की ख़बर है. सरकार ने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय कानून को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के स्तर का कड़ा बनाने के लिए इस कानून को लाया गया है.

केंद्र सरकार के सूत्रों ने यह भी बताया है कि मसूद अज़हर को बैन कराने की कोशिशों के दौरान चीन ने भारत से कहा था कि भारत कैसे अज़हर को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अंतर्गत बैन करने की मांग कर सकता है, जब खुद भारत के कानून के तहत मसूद अज़हर एक आतंकी के तौर पर बैन नहीं है.

केंद्र सरकार के सूत्रों के ही मुताबिक इसके बाद से भारत बुरी तरह से यह जरूरत महसूस कर रहा था.  बता दें कि जब इस कानून पर संसद में बहस हो रही थी तो विपक्ष ने इस कानून का गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया था.

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड है मसूद अज़हर

मसूद अजहर (मौलाना मसूद अजहर भी कहा जाता है) जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का संस्थापक और प्रमुख है. संयुक्त राष्ट्र इस संगठन को ब्लैकलिस्ट कर चुका है. भारत के प्रयासों के बाद मसूद अजहर को यूएन की ब्लैक लिस्ट में भी डाला गया है. भारत में मसूद के संगठन ने ही पुलवामा हमला कराया था. मसूद भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में है.

मसूद को भारत ने 1994 में पुर्तगाल के फर्जी पासपोर्ट पर यात्रा के लिए गिरफ्तार किया था. लेकिन 17 साल पहले 1999 में कंधार विमान अपहरण के वक्त इसे भारत को रिहा करना पड़ा. रिहाई के बाद ही कश्मीर में भारतीय सेना से लड़ने के लिए मसूद ने जैश-ए-मोहम्मद नाम के संगठन की स्थापना की. पुलवामा से पहले पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में भी मसूद का हाथ होने की बात भारत की ओर से कही गई थी. 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले में भी इसे प्रमुख संदिग्ध बताया गया था.

मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है हाफिज सईद
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आतंकी हाफिज़ मुहम्मद सईद लश्कर-ए-तैय्यबा आतंकवादी संगठन का संस्थापक रहा है. वर्तमान में ये एक और आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा से जुड़ा है. मुंबई के 26/11 हमले की साजिश में मुख्य तौर पर इसका हाथ था. भारत लगातार पाकिस्तान से उसे सौंपने की मांग करता रहा है. लश्कर-ए-तैयबा कश्मीर में भारत के खिलाफ जिहादी ऑपरेशन के लिए जाना जाता है. हाफिज सईद इस संगठन को पाकिस्तान में लाहौर के पास मुरीदके शहर से संचालित करता है.

मुंबई बम धमाकों का मास्टरमाइंड रहा है दाऊद इब्राहिम
दाऊद इब्राहिम को भारत को सबसे बड़ा दुश्मन कहा जाता है. ये साल 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों का मास्टरमाइंड था. 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट का गुनहगार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत से सालों से दूर है. यूनाइटेड नेशंस सिक्युरिटी काउंसिल के अनुसार इसके पास कई पाकिस्तानी पासपोर्ट हैं. ये रावलपिंडी और कराची से जारी किए गए हैं. भारत की सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वो पाकिस्तान के कराची में नूराबाद हिल्स के आलीशान बंगले में भारी सुरक्षा के बीच रहता है.

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First published: July 26, 2019, 6:47 PM IST
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