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आपके बालों की हो रही है बड़े स्तर पर स्मगलिंग, मिजोरम के रास्ते पहुंचाया जा रहा चीन

ये बाल आंध्र प्रदेश के तिरुपति से मिजोरम पहुंचे और यहां से म्यांमार भेजने की कोशिश की जा रही थी.

ये बाल आंध्र प्रदेश के तिरुपति से मिजोरम पहुंचे और यहां से म्यांमार भेजने की कोशिश की जा रही थी.

फ़रवरी के महीने में असम राइफल्स ने पहली बार मिजोरम में ह्यूमन हेयर (बाल) की खेप पकड़ी है, जो अवैध तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर म्यांमार भेजी जा रही थी. ह्यूमन हेयर की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 7:55 PM IST
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आईजोल. भारत में महिलाएं अपने बालों को कटवाने में काफी पैसा ख़र्च कर देती हैं, लेकिन कभी किसी ने ऐसा नहीं सोचा होगा कि पैसा देकर बाल कटवाने के बाद उनके बाल चीन से नए विग की शक्ल लेकर वापस उनके पास लौट आते हैं. भारत से मिजोरम के जरिए बालों की तस्करी हो रही है. अवैध तरीके से बालों को तिरुपति से म्यांमार, थाइलैंड के रास्ते चीन पहुंचाया जाता है. चीन में इन बालों से विग तैयार किये जाते हैं.

फ़रवरी के महीने में असम राइफल्स ने पहली बार मिजोरम में ह्यूमन हेयर (बाल) की खेप पकड़ी है, जो अवैध तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर म्यांमार भेजी जा रही थी. ह्यूमन हेयर की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है. ये बाल सीधे तिरुपति मंदिर से लाए गए थे, जिन्हें मिजोरम के रास्ते म्यांमार और थाइलैंड होते हुए चीन भेजा जा रहा था. बालों से भरे हुए दो ट्रक 23-सेक्टर असम राइफल्स की सेरचिप बटालियन ने चंपाई जिले के कस्टम विभाग के साथ मिलकर पकड़े. ये जगह म्यांमार सीमा से महज 7 किलोमीटर दूर है.

ट्रक में भरे थे 50 किलो बाल
ट्रक में 50 किलो बाल 120 बैग में भरे थे. जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये थी. असम रायफल की 46वीं बटालियन के कमॉडिंग ऑफ़िसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी ने न्यूज़18 इंडिया से खास बात करते हुए कहा कि ये बाल तिरुपति से लाए गए थे जिन्हें मिज़ोरम के रास्ते से म्यांमार और थाइलैंड होते हुए चीन भेजा जा रहा था.
तिरुपति मंदिर में है सिर मुंडवाने की प्रथा


दरअसल, तिरुपति मंदिर में लोग मन्नत मांगते हैं और जब मन्नत पूरा हो जाती है तो वो अपने सिर को मुंडवा कर बाल दान करते है, जिनमें महिलाएं भी शामिल होती है. उन्हीं बालों को अवैध तरीके से म्यांमार से थाइलैंड भेजा जाता है वहां प्रोसेसिंग के बाद ये बाल चीन भेजे जाते हैं जहां बालों से विग तैयार की जाती है.

सूत्रों के मुताबिक जांच में ये भी सामने आया है कि बाल सिर्फ तिरुपति से ही नहीं बल्कि कई धार्मिक स्थानों से लाए जाते हैं. धार्मिक स्थानों में लोग मन्नत मांग कर बाल चढ़ाते हैं, जो कि चीन की विग इंडस्ट्री में जाकर इसके जरिए विग बनाते हैं. फिर ये विग पूरी दुनिया में बहुत ही महंगे दामों पर बिकते हैं.
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