HAL ने 300वें एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर 'ध्रुव' के साथ रचा इतिहास, ये हैं खूबियां

वर्तमान में एचएएल के पास 73 एएलएच हेलिकॉप्टर का करार है जिनमें से 41 थलसेना के लिए, 16 नौसेना के लिए और 16 तटरक्षक बल के लिए हैं (एक शो के दौरान की ध्रुव हेलिकॉप्टर की फाइल फोटो, AP)
वर्तमान में एचएएल के पास 73 एएलएच हेलिकॉप्टर का करार है जिनमें से 41 थलसेना के लिए, 16 नौसेना के लिए और 16 तटरक्षक बल के लिए हैं (एक शो के दौरान की ध्रुव हेलिकॉप्टर की फाइल फोटो, AP)

हेलीकॉप्टर ध्रुव (Helicopter Dhruv) 2,80,000 घंटे की उड़ान (Flight) के साथ एएलएच किसी भी मिशन, किसी भी स्थान और किसी भी समय के लिए एक बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर साबित हुआ है.’’भास्कर ने कहा, ‘‘2,80,000 घंटे की उड़ान (Flight) के साथ एएलएच किसी भी मिशन, किसी भी स्थान और किसी भी समय के लिए एक बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर (Multipurpose helicopter) साबित हुआ है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 29, 2020, 8:00 PM IST
  • Share this:
बेंगलुरु. हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने मंगलवार को 300वें ‘एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर’ (एएलएच-ध्रुव) के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. एचएएल के सीएमडी आर माधवन (CMD R Madhavan) ने इस अवसर पर कहा कि 30 अगस्त 1992 को प्रोटोटाइप (Prototype) के पहली उड़ान भरने के बाद एएलएच ध्रुव ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और यह अपने शानदार प्रदर्शन के चलते एक विश्वस्तरीय हेलीकॉप्टर (World Class Helicopter) साबित हुआ है. उनके हवाले से एचएएल ने एक बयान में कहा, ‘‘एएलएच मार्क-1 से मार्क-4 (HAL Mark-1 and Mark-4) तक का विकास असाधारण रहा है और यह हेलीकॉप्टरों के स्वदेशी डिजाइन (Indigenous design of helicopters) तथा विकास में एक मजबूती है.’’

एचएएल के हेलीकॉप्टर प्रभाग (Helicopter Division) में आयोजित एक कार्यक्रम में वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (Directorate General of Aeronautical Quality Assurance) के अतिरिक्त निदेशक (दक्षिणी क्षेत्र) वाईके शर्मा ने हेलीकॉप्टर परिसर (Helicopter Complex) के मुख्य कार्याधिकारी जीवीएस भास्कर को 300वें ध्रुव हेलीकॉप्टर (Helicopter) से संबंधित प्रमाणपत्र सौंपा. भास्कर ने कहा, ‘‘2,80,000 घंटे की उड़ान (Flight) के साथ एएलएच किसी भी मिशन, किसी भी स्थान और किसी भी समय के लिए एक बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर (Multipurpose helicopter) साबित हुआ है.’’

HAL के पास 73 एएलएच का करार, थलसेना लेगी सबसे ज्यादा 41
वर्तमान में एचएएल के पास 73 एएलएच का करार है जिनमें से 41 थलसेना के लिए, 16 नौसेना के लिए और 16 तटरक्षक बल के लिए हैं. इसने कहा कि इनमें से 38 एएलएच का पहले ही विनिर्माण हो चुका है और शेष का विनिर्माण 2022 तक पूरा हो जाएगा.
यह भी पढ़ें: बिहार- सीट शेयरिंग पर कांग्रेस-RJD में और बढ़ी खींचतान! दो बड़े नेता दिल्ली तलब



बता दें कि इन हेलीकॉप्टरों के जरिए हथियार आदि अधिक ऊंचाई के स्थानों पर ले जाये जा सकते हैं. जबकि यहां अन्य हेलीकॉप्टरों को उड़ान भरने में समस्या होती है. जब सर्दी के मौसम में लद्दाख में तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे चला जाता है तो भी पेलोड ले जाने में यह हेलीकॉप्टर कारगर साबित होता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज