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टीम इंडिया के लिए 'हलाल' मीट पर छिड़ी बहस, जानें क्या है इसका मतलब? झटका मीट से कैसे है अलग

टीम इंडिया के लिए 'हलाल' मीट पर छिड़ी बहस, जानें क्या है इसका मतलब? झटका मीट से कैसे है अलग

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 25 नवंबर से कानपुर में शुरू होगा.(सांकेतिक तस्वीर)

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 25 नवंबर से कानपुर में शुरू होगा.(सांकेतिक तस्वीर)

Halal Meat BCCI Menu Team India: टीम इंडिया की व्यंजन सामग्री में दो तरह के मांस का जिक्र किया गया है. चिकन (मुर्गे का मांस) और भेड़ का मांस. सूचीबद्ध मांसाहारी भोजन में भुना हुआ चिकन, भेड़ का भुना हुआ मांस, काली मिर्च सॉस के साथ भेड़ के मांस के चॉप, मुर्ग यखनी, चिकन थाई करी, मसालेदार ग्रील्ड चिकन, गोवा मछली करी, टंगड़ी कबाब और लहसुन की चटनी के साथ तला हुआ चिकन शामिल हैं.

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    नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) मंगलवार को तब विवादों से घिर गया जब पता चला कि न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर में पहले टेस्ट मैच के दौरान भारतीय क्रिकेटरों (Indian Cricketers) के लिये केवल ‘हलाल’ मांस (Halal Meat) की सिफारिश की गयी है. भारतीय क्रिकेटरों के लिये तैयार व्यंजन सूची (मेन्यू) में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि पोर्क (सूअर का मांस) और बीफ (गौमांस) किसी भी रूप में भोजन का हिस्सा नहीं होने चाहिए.

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता और एडवोकेट गौरव गोयल ने इस सिफारिश को तुरंत वापस लेने की मांग की है. गोयल ने अपने ट्विटर हैंडल पर जारी वीडियो में कहा, ‘‘खिलाड़ी कुछ भी खाना चाहते हैं वह खायें, यह उनकी मर्जी है, लेकिन बीसीसीआई को यह अधिकार किसने दिया है वह ‘हलाल’ मांस की सिफारिश करे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला सही नहीं है. इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.’’

    क्या होता है ‘झटका’ और ‘हलाल’ मांस
    हिंदू और सिख अमूमन ‘झटका’ वाला मांस, जबकि मुस्लिम ‘हलाल’ मांस खाना पसंद करते हैं. हलाल में जानवर के गले की नस को काटकर तब तक छोड़ दिया जाता है जब तक कि उसका पूरा खून नहीं निकल जाए. झटका में जानवर के गर्दन पर तेज धारदार हथियार से वार करके उसे तुरंत मार दिया जाता है.

    ‘मेन्यू में गौमांस या सूअर का मांस नहीं होना आश्चर्यजनक नहीं’
    एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि सूअर का मांस और गौमांस को भोजन सामग्री में शामिल नहीं करना आश्चर्यजनक नहीं हैं, लेकिन इस बारे में कभी लिखित निर्देश नहीं दिये गये. इस क्रिकेटर ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, “जब मैं टीम में था तो मैच के दिनों में कभी ड्रेसिंग रूम में गौमांस या सूअर का मांस नहीं भेजा गया. भारत में तो कम से कम कभी नहीं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि लिखित निर्देश देने के अलावा इसमें कुछ भी नया है.”

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    ‘क्रिकेटरों को नहीं दी जाती गौमांस खाने की सलाह’
    उन्होंने कहा, “इससे पहले कि कोई इसका कुछ अर्थ लगाये, क्रिकेटरों को कभी गौमांस खाने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि इसमें बकरे के मांस की तरह काफी मात्रा में वसा होती है. हमें हमेशा कम प्रोटीनयुक्त भोजन करने की सलाह दी जाती रही जैसा कि मुर्गे के मांस या मछली में होता है.”

    भारतीय क्रिकेटरों के लिये तैयार मेन्यू में क्या-क्या
    व्यंजन सामग्री में दो तरह के मांस का जिक्र किया गया है. चिकन (मुर्गे का मांस) और भेड़ का मांस. सूचीबद्ध मांसाहारी भोजन में भुना हुआ चिकन, भेड़ का भुना हुआ मांस, काली मिर्च सॉस के साथ भेड़ के मांस के चॉप, मुर्ग यखनी, चिकन थाई करी, मसालेदार ग्रील्ड चिकन, गोवा मछली करी, टंगड़ी कबाब और लहसुन की चटनी के साथ तला हुआ चिकन शामिल हैं.

    श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच गुरुवार से कानपुर में शुरू होगा, जबकि दूसरा मैच तीन दिसंबर से मुंबई में खेला जाएगा.

    (इनपुट पीटीआई से भी)

    Tags: BCCI, New Zealand, Team india

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