फरवरी तक भारत की आधी आबादी हो सकती है कोरोना वायरस से संक्रमित: सरकारी पैनल

वर्तमान में लगभग 30% आबादी संक्रमित है और फरवरी तक यह 50% तक जा सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)
वर्तमान में लगभग 30% आबादी संक्रमित है और फरवरी तक यह 50% तक जा सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus in India: वायरस के मौजूदा प्रसार के लिए समिति का अनुमान केंद्र सरकार के सीरोलॉजिकल सर्वेक्षणों की तुलना में बहुत अधिक है, जिसमें पता चला है कि सितंबर तक केवल 14 प्रतिशत आबादी संक्रमित थी.

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नई दिल्ली. भारत के 1.3 अरब लोगों में से कम से कम आधे लोगों को अगले फरवरी तक नए कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने की संभावना है. इससे संबंधित अनुमानों की जानकारी देने के लिए बनाई गई एक केंद्रीय सरकारी समिति (Central Government Committee) के एक सदस्य ने सोमवार को कहा कि इससे बीमारी के फैलने की गति को कम करने में मदद मिलेगी. भारत में अब तक कोरोनावायरस के 75 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं. भारत कुल संक्रमणों के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) के बाद दूसरे स्थान पर है.

रायटर्स टैली के अनुसार, सितंबर के मध्य में पीक के बाद भारत में कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) कम हो रहा है, हर दिन औसतन 61,390 नए मामले सामने आ रहे हैं. कानपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर और समिति के सदस्य मनिंद्र अग्रवाल ने कहा "हमारे गणितीय मॉडल का अनुमान है कि वर्तमान में लगभग 30% आबादी संक्रमित है और फरवरी तक यह 50% तक जा सकती है."

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सीरो सर्वे के मुताबिक सिर्फ 14 प्रतिशत आबादी थी संक्रमित
वायरस के मौजूदा प्रसार के लिए समिति का अनुमान केंद्र सरकार के सीरोलॉजिकल सर्वेक्षणों की तुलना में बहुत अधिक है, जिसमें पता चला है कि सितंबर तक केवल 14 प्रतिशत आबादी संक्रमित थी. लेकिन अग्रवाल ने कहा कि सीरोलॉजिकल सर्वे शायद इस बात का नमूना नहीं ले सकते कि वे जिस आबादी का सर्वे कर रहे थे, उसके आकार की वजह से सैंपल बिल्कुल सही नहीं है.

इसके बजाय, वायरोलॉजिस्ट, वैज्ञानिकों और अन्य विशेषज्ञों की समिति, जिनकी रिपोर्ट रविवार को सार्वजनिक की गई थी, ने गणितीय मॉडल पर भरोसा किया है.

अग्रवाल ने कहा, "हमने एक नया मॉडल विकसित किया है जो स्पष्ट रूप से अप्रमाणित मामलों को ध्यान में रखता है, इसलिए हम संक्रमित लोगों को दो श्रेणियों में विभाजित कर सकते हैं - रिपोर्ट किए गए मामले और वो मामले जो रिपोर्ट नहीं किए गए."

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सावधानियों का पालन नहीं किया तो तेजी से बढ़ सकते हैं केस
समिति ने चेतावनी दी कि यदि सावधानियों का पालन नहीं किया गया, और यदि एक महीने में सामाजिक दूरी और मास्क पहनने जैसे उपायों को नजरअंदाज कर दिया गया तो उनके अनुमान के मुताबिक एक महीने में संक्रमण के कुल मामले 26 लाख तक पहुंच सकते हैं.

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दुर्गा पूजा और दिवाली जैसे त्योहारों वाले इस महीने और नवंबर के मध्य में क्रमशः उत्सव के साथ, भारत में छुट्टियों के मौसम के रूप में संक्रमण बढ़ सकता है.
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