कुलभूषण मामले में दिया साथ, अब संयुक्त अभ्यास करेंगी भारत-चीन की सेनाएं

आतंकवद के खिलाफ दोनो देश साझा करेंगे रणनीति, एक दूसरे से सीखेंगे राहत और बचाव के गुर.

Sandeep Bol | News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 7:10 PM IST
कुलभूषण मामले में दिया साथ, अब संयुक्त अभ्यास करेंगी भारत-चीन की सेनाएं
आतंकवाद के विरुद्ध भी दोनों देशों में सहयोग बढ़ेगा, राहत और बचाव के तरीके भी साझा होंगे ( फाइल फोटो)
Sandeep Bol
Sandeep Bol | News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 7:10 PM IST
कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ) में पाकिस्तान को दरकिनार कर भारत का साथ देने के बाद अब भारत और चीन की सेनाएं साझा अभ्यास में एक साथ दिखेंगी. साल 2017 में डोकलाम के विवाद के दौरान इस अभ्यास को रद्द किया गया था, लेकिन उसके बाद से फिर से ये अभियास को शुरू किया गया. इस साल दिसंबर के दूसरे हफ़्ते में भारतीय सेना और चीनी पीएलए शिलांग के उमरोई में 14 दिन तक एक दूसरे की रणनीति को साझा करेंगे. दोनो देशों के तकरीबन 240 सैनिक इस हैंड इन हैंड में हिस्सा लेंगे.

सेना के मुताबिक़ दोनो देश आतंकवाद से निपटने के लिए इस्तेमाल में लाएगी जाने वही ड्रिल को साझा करेंगे. कंपनी लेवल इस एक्सरसाइज़ में ट्रांस नेशनल टैरेरिजम, आतंकवाद से पैदा हुए हालातों से निपटने, ज्वाइंट ऑपरेशन ड्रिल और राहत बचाव के गुर एक दूसरे से सीखेंगे. साल 2008 में पहली बार दोनो देशो ने हैंड इन बाढ़ अभ्यास की शुरूआत की थी.



संबंध बिगड़ने के बाद फिर आया है सुधार

हर साल होने वाली ये एक्सरसाइज़ एक बार चीन में होती है और एक बार भारत में. दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने के मकसद से इस अभ्यास की शुरूआत हुई थी. वैसे तो भारत और चीन की सेना अब तक सीमा विवाद के चलते अलग-अलग मौकों पर आमने सामने होते आए है. लेकिन वुहान में हुए पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिंपिंग के बीच मुलाक़ात के बाद हालात में सुधार आया.

हाल में सुधरे हैं संबंध
दोनों देशों की सेना के रिश्तों को और बेहतर करने के लिए जो सहमती बनी उसे लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है. हाल ही रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में ये साफ किया था कि भारत चीन सीमा पर हालात शांतिपूर्ण है और पिछले सालों के मुक़ाबले ट्रांस्ग्रेशन के मामले में आई कमी. दोनों देशो की सेनाएँ अपने अपने इलाकों तक पेट्रोल कर रही हैं.
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सीमा के वास्तविक होने के चलते कुछ इलाक़ों में चीन की टेरंसग्रेसशन की घटनाओं को तय किए गए माध्यमों जिसमें हॉटलाईन, बॉर्डर पर्सनल मीटिंग और फ़्लैग मीटिंग के जरिए से चीन की ऑथॉरिटी के सामने रखा गया. यही नहीं रिपोर्ट में डोकलाम में हालात सामान्य बताए गए. दोनों देशों में अपनी सैनिकों की तादाद को घटाया, लेकिन भारतीय सेना डोक्लाम में चीन की गतिविधियों पर लगातार नज़र बनाए बनाए हुए है और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

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First published: July 19, 2019, 5:56 PM IST
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