हार्दिक ने जेल में शुरू की भूख हड़ताल, समर्थकों ने बसें फूंकीं

हार्दिक पटेल ने ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए आज सूरत के लाजपोरे जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरआत की।

हार्दिक पटेल ने ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए आज सूरत के लाजपोरे जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरआत की।

हार्दिक पटेल ने ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए आज सूरत के लाजपोरे जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरआत की।

  • भाषा
  • Last Updated: February 19, 2016, 12:59 PM IST
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अहमदाबाद। पटेल समुदाय को आरक्षण देने के लिए आंदोलन चलाने वाले हार्दिक पटेल ने ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए आज सूरत के लाजपोरे जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरआत की। हार्दिक राजद्रोह के दो मामलों में सितंबर से लाजपोरे जेल में बंद हैं।

हार्दिक ने सरकार के सामने मांगे रखते हुए कहा कि भूख हड़ताल तभी ख़त्म होगी जब जेल मैं कैद पाटीदार युवा रिहा होंगे और जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा।

हार्दिक ने यह कदम उस समय उठाया है जब उनके करीबी सहयोगियों ने आरक्षण मुद्दे पर गुजरात में बीजेपी सरकार के साथ बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की। हार्दिक के तीन करीबी सहयोगियों- केतन पटेल, चिराग पटेल और दिनेश बंभानिया- ने मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को एक पत्र लिखा और बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की।



हार्दिक के ये तीन सहयोगी भी राजद्रोह के मामले में सलाखों के पीछे बंद हैं। वहीं जेल के भीतर हार्दिक की भूख हड़ताल से नाराज लोगों ने सूरत मैं स्टेट ट्रांसपोर्ट की दो बसें जलाई
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चूंकि पत्र पर हार्दिक के हस्ताक्षर नहीं थे इसलिए ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि 22 वर्षीय हार्दिक को यह महसूस हुआ होगा कि उसे अपने ही लोगों ने धोखा दिया है और फिर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया होगा। घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए लाजपोरे जेल के जेलर एस एल दौसा ने मीडिया को बताया कि हार्दिक ने आज सुबह से भोजन करना बंद कर दिया है।

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