नौ महीने बाद जेल से रिहा होंगे हार्दिक पटेल, छह महीने रहना होगा गुजरात से बाहर

पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल (22 वर्षीय) नौ महीने जेल में बिताने के बाद जेल से बाहर आने वाले हैं, क्योंकि गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को विसनगर के एक विधायक के कार्यालय में हिंसा से संबंधित एक मामले में जमानत मंजूर कर उनकी रिहाई का रास्ता खोल दिया.

Bhasha
Updated: July 12, 2016, 7:54 AM IST
नौ महीने बाद जेल से रिहा होंगे हार्दिक पटेल, छह महीने रहना होगा गुजरात से बाहर
Photo: News18
Bhasha
Updated: July 12, 2016, 7:54 AM IST
पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल (22 वर्षीय) नौ महीने जेल में बिताने के बाद जेल से बाहर आने वाले हैं, क्योंकि गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को विसनगर के एक विधायक के कार्यालय में हिंसा से संबंधित एक मामले में जमानत मंजूर कर उनकी रिहाई का रास्ता खोल दिया.

हालांकि, हार्दिक को अगले छह महीने गुजरात के बाहर बिताने होंगे क्योंकि शुक्रवार को हाईकोर्ट ने हार्दिक को देशद्रोह के दो मामलों में इसी शर्त पर जमानत दी थी.

हार्दिक के वकील जुबिन भारदा ने कहा कि वह सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद कुछ दिन में जेल से बाहर आने वाले हैं. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि हार्दिक अगले छह महीनों के दौरान कहां रहेंगे?

जस्टिस पीपी भट्ट ने सोमवार को हार्दिक की जमानत उस समय मंजूर की जब राज्य सरकार ने उनके आवेदन का विरोध नहीं किया और अब वह जेल से बाहर आएंगे. पाटीदार समुदाय के सदस्यों ने हार्दिक को जमानत मिलने की खबर का स्वागत किया.

कांग्रेस ने संभावित रिहाई को ‘‘लोकतंत्र के लिए अच्छा’’ बताया, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा कि उनकी जमानत का विरोध नहीं करने के उसके फैसले के कारण वह जेल से बाहर आ पाएंगे और उन्हें आंदोलन के आपसी सहमति वाले समाधान की उम्मीद है.

हालांकि, अदालत ने शर्त लगाई है कि हार्दिक विसनगर कस्बे के जिले मेहसाणा में मामले की सुनवाई पूरी होने तक घुस नहीं पाएंगे.

अदालत ने यह भी कहा कि हार्दिक नौ महीने बाद इस शर्त में संशोधन का अनुरोध कर सकते हैं और अदालत उस समय उनके आचरण के आधार पर उचित आदेश पारित करेगी.

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता 22 वर्षीय हार्दिक अभी सूरत की लाजपुर जेल में बंद हैं. वह अक्टूबर 2015 में गिरफ्तार हुए थे. उन्होंने अपने पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व किया था.

हार्दिक पर पटेलों को ओबीसी आरक्षण की मांग स्वीकार करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए हिंसा भड़काने का आरोप है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर