टोलकर्मियों से भिड़े हार्दिक पटेल के समर्थक, टोल मांगने पर की गुंडई

टोलकर्मियों से भिड़े हार्दिक पटेल के समर्थक, टोल मांगने पर की गुंडई
उदयपुर में छह महीने बिताने के बाद देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हार्दिक पटेल गुजरात लौट गए। इससे पहले उदयपुर अहमदाबाद रोड पर खेरवाड़ा के समीप बने टोल नाके पर हार्दिक पटेल के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।

उदयपुर में छह महीने बिताने के बाद देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हार्दिक पटेल गुजरात लौट गए। इससे पहले उदयपुर अहमदाबाद रोड पर खेरवाड़ा के समीप बने टोल नाके पर हार्दिक पटेल के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।

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अहमदाबाद। उदयपुर में छह महीने बिताने के बाद देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हार्दिक पटेल गुजरात लौट गए। इससे पहले उदयपुर अहमदाबाद रोड पर खेरवाड़ा के समीप बने टोल नाके पर हार्दिक पटेल के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। दरअसल, उदयपुर गुजरात सीमा से पहले स्थित खेरवाड़ा टोल नाके पर हार्दिक समर्थक टोल राशि नहीं चुकाने की बात पर अड़ गए। इसके बाद टोलकर्मियों और हार्दिक समर्थकों में जमकर हाथापाई हुई।

हालांकि, मामला बढ़ता देख हार्दिक समर्थकों में कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया और फिर सभी टोल राशि चुकाने के बाद गुजरात के लिये रवाना हुए। आपको बता दें कि इससे पहले भी एक बार हार्दिक पटेल राजस्थान में राजसमन्द के नेगड़ीया टोल नाके पर टोल नहीं चुकाये जाने के बाद विवादों में रह चुके हैं।

इधर, गुजरात में वापसी करने पर राजस्थान की सीमा से सटे रतनपुर में उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। उदयपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेंद्र प्रसाद ने इससे पहले बताया था कि पटेल अपने समर्थकों के साथ चार वाहनों में उदयपुर से गुजरात के लिए रवाना हुए और शांतिपूर्ण तरीके से गुजरात की सीमा में प्रवेश किया। उन्होंने बताया कि ऐहतियात के तौर पर थानाधिकारी के नेतृत्व में एक पुलिस दल भी गुजरात सीमा तक गया।



आज दोपहर रतनपुर सीमा से अपने गृह राज्य में जैसे ही हार्दिक ने प्रवेश किया पटेल समुदाय के सैकड़ों नौजवानों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह पटेल समुदाय की एक रैली को संबोधित करने के लिए साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर शहर के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि वहां पहुंचने पर हार्दिक ने अपने समुदाय के लिए न्याय पाने का संकल्प जताते हुए कहा कि महान नेताओं और शहीदों की इस धरा को मैं नमन करता हूं। मैं हमेशा अपने समुदाय के लोगों को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ता रहूंगा।
भविष्य की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि समय आने पर रणनीति अपनायी जाएगी, मैं इसका अभी खुलासा नहीं कर सकता। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पटेल आन्दोलन के अग्रणी नेता हार्दिक पटेल ने छह महीने का समय उदयपुर में बिताया।

देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे पटेल को पिछले साल 15 जुलाई को गुजरात उच्च न्यायालय से इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह 17 जुलाई से छह महीने तक राज्य से बाहर रहेंगे। जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। इसके बाद से वह राजस्थान के उदयपुर में रह रहे थे। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने इस पूरे प्रकरण पर टिप्पणी देते हुए कहा कि उनकी सरकार हार्दिक और आरक्षण के मुद्दे पर अन्य पक्षकारों से बातचीत के लिए तैयार है।

रूपानी ने कहा कि हमने उन्हें वहां हिम्मतनगर में रैली के आयोजन की अनुमति दी है। विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए हमलोग हमेशा ही सकारात्मक माहौल में सभी पक्षकारों के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाले पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) ने आज की रैली को पटेल कोटा आंदोलन के दूसरे दौर की शुरुआत के रूप में वर्णित किया है।

अगस्त 2015 में हार्दिक ने कोटा लाभ के लिए अपने समुदाय को ओबीसी श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग पर जीएमडीसी मैदान में विशाल रैली का आयोजन किया था। रैली को संबोधित करने के बाद हार्दिक गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल से आशीर्वाद लेने के लिए गांधीनगर जाएंगे। शाम में वह भारतीय छात्र संसद में हिस्सा लेने के लिए पुणे के लिए रवाना होंगे।
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