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मोदी-शाह के गढ़ में OBC वोटरों को रिझा रहे हार्दिक

News18.com
Updated: December 11, 2017, 12:17 PM IST
मोदी-शाह के गढ़ में OBC वोटरों को रिझा रहे हार्दिक
hardik patel.

हार्दिक पटेल ने रविवार को गुजरात के मेहसाणा और पाटन जिले की सीमा पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया.

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पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) नेता हार्दिक पटेल ने रविवार को गुजरात के मेहसाणा और पाटन जिले की सीमा पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. हार्दिक पर पिछले दो सालों से मेहसाणा में प्रवेश करने पर बैन लगा हुआ है, इसलिए उन्होंने दोनों जिलों की सीमा पर रैली की.

हार्दिक और पास का दावा है कि ये हार्दिक की अब तक की सबसे बड़ी रैली है, जिसमें एक लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए. मेहसाणा में बड़ी संख्या में कड़वा पटेल रहते हैं. 2015 में पाटीदार आंदोलन के हिंसक होने के बाद हार्दिक के मेहसाणा जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था.

हार्दिक की रैलियों में भीड़

उत्तर गुजरात के छह जिलों में पास का नेतृत्व करने वाले नरेंद्र पटेल ने न्यूज 18 को बताया, “हार्दिक पटेल ने सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में कई जनसभाओं को संबोधित किया है. अगर आपको लगता है कि वे रैलियां बहुत बड़ी थीं तो आपको उत्तर गुजरात में हार्दिक की रैलियों को देखना होगा. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि गुजरात की जनता बीजेपी को न चुने.”

उत्तर गुजरात में रैली में भीड़ को लेकर PAAS में इतना आत्मविश्वास होना आश्चर्य की बात नहीं है. हार्दिक कड़वा पटेल समुदाय से आते हैं. गुजरात में भले ही लेउवा पटेलों की संख्या कड़वा पटेलों से अधिक हो लेकिन उत्तर गुजरात में कड़वा पटेलों की अच्छी आबादी है. गुजरात चुनाव के अंतिम चरण में PAAS ने पूरी ताकत उत्तर गुजरात में लगा दी है, यहां वे बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं.

उत्तर गुजरात के बनासकांठा, पाटन, सबरकंठा, मेहसाणा, गांधीनगर और अरावली जिलों में पटेलों का वोट निर्णायक होगा.

उत्तर गुजरात में फैले पाटीदार कार्यकर्ता
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पूरे प्रदेश में फैली PAAS कार्यकर्ताओं की आर्मी उत्तर गुजरात पहुंच चुकी है. हार्दिक पटेल की रैलियों के साथ-साथ पास कार्यकर्ता इन छह जिलों के गांव-गांव में जाकर बीजेपी के खिलाफ वोट करने के लिए अपील कर रहे हैं.

नरेंद्र पटेल, “उत्तर गुजरात के छह जिलों में हमारे 50 हजार कार्यकर्ता हैं. रविवार को सौराष्ट्र से 5000 कार्यकर्ता मेहसाणा पहुंचे. सोमवार को 5000 और कार्यकर्ता यहां पहुंचेंगे.”

PAAS अब सिर्फ पाटीदार केंद्रित आंदोलन नहीं है. अब पटेल और उनकी टीम ओबीसी वोटरों को भी साध रही है.

नरेंद्र पटेल ने कहा, “हार्दिक भाई की रैली में केवल पटेल शामिल नहीं हुए, हमें क्षत्रियों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है. गांवों में हमारे कार्यकर्ताओं का सभी समुदाय स्वागत कर रहे हैं. यह जो आप देख रहे हैं वह एक एंटी बीजेपी लहर है.”

जो उत्तर गुजरात जीतेगा वही जीतेगा चुनाव 

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के पूर्व सहयोगी और पॉलिटिकल ऑब्ज़र्वर हर्षद भाई ब्रह्मभट ने कहा, “उत्तर गुजरात इस चुनाव के केंद्र में है. इन छह जिलों में जिसकी जीत होगी, चुनाव में उसी को जीत मिलेगी. सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला. मध्य गुजरात में भी वैसा ही मुकाबला देखने को मिल सकता है. लेकिन उत्तर गुजरात में निर्णायक वोटिंग होगी, हालांकि बीजेपी इससे चिंतित नजर नहीं आ रही है.”

अल्पेश ठाकोर के कांग्रेस में शामिल होने के बावजूद बीजेपी को विश्वास है कि उत्तर गुजरात के ठाकोर बीजेपी को समर्थन देंगे. नाम जाहिर न करने की शर्त पर एक बीजेपी लीडर ने कहा, “हमें पता है कि हार्दिक के आंदोलन का हमारे पाटीदार सपोर्टर बेस पर असर पड़ा है. लेकिन हमें नहीं लगता कि इससे बहुत फर्क पड़ेगा. युवा वोटर भले ही हार्दिक की तरफ जाएंगे लेकिन पुराने वोटर बीजेपी का साथ नहीं छोड़ेंगे. ज्यादातर लोग भूल जाते हैं कि बीजेपी गुजरात में सबसे बड़ी कम्युनिटी है, पाटीदार नहीं. ओबीसी वोटरों का समर्थन बीजेपी के पास है.”

मोदी, शाह, आनंदी सभी उत्तर गुजरात के 

उत्तर गुजरात में जीतना बीजेपी के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय है. पीएम मोदी, बीजेपी चीफ अमित शाह, गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल सभी उत्तर गुजरात से आते हैं. अमित शाह को छोड़कर बाकी तीनों मेहसाणा जिले से आते हैं. मेहसाणा शहर से नितिन पटेल चुनाव लड़ रहे हैं.
एक PAAS लीडर का दावा है कि मेहसाणा में सबसे मुश्किल मुकाबला देखने को मिलेगा. इसीलिए पाटीदार यहां सबसे ज्यादा जोर लगा रहे हैं. मेहसाणा जिले की मेहसाणा शहर और खेरालु सीटों पर बीजेपी मजबूत है. नितिन पटेल के जीतने संभावना है लेकिन पाटीदार उन्हें हराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. वहीं खेरालु विधानसभा क्षेत्र में पीएम मोदी का गृहनगर वडनगर आता है, इसलिए यहां भी बीजेपी काफी मजबूत है.

मेहसाणा जिले में करीब चार लाख पाटीदार वोटर हैं, वहीं 3.31 लाख ठाकोर वोटर हैं. ठाकोर यहां का सबसे बड़ा ओबीसी समुदाय है. बीजेपी पीएम के गृह जिले में जीत के लिए आश्वस्त है वहीं पाटीदारों का दावा है कि वे सत्तारूढ़ पार्टी को आसानी से जीतने नहीं देंगे.

नरेंद्र पटेल ने कहा, “1984 में बीजेपी ने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था. तब बीजेपी ने केवल दो सीटों पर जीत हासिल की थी. इनमें से एक सीट मेहसाणा थी. बीजेपी ने मेहसाणा से खाता खोला था, हम मेहसाणा में ही उनका खाता बंद करेंगे.”

(news18.com के लिए उदय सिंह राणा)

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First published: December 11, 2017, 10:40 AM IST
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