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जम्‍मू कश्‍मीर: नजरबंद 34 नेताओं को सेंटूर होटल से MLA गेस्ट हाउस किया गया शिफ्ट

भाषा
Updated: November 17, 2019, 9:06 PM IST
जम्‍मू कश्‍मीर: नजरबंद 34 नेताओं को सेंटूर होटल से MLA गेस्ट हाउस किया गया शिफ्ट
इन राजनीतिक बंदियों में पीपुल्स कान्फ्रेंस के सज्जाद लोन, नेशनल कान्फ्रेंस के अली मोहम्मद सागर, पीडीपी के नईम अख्तर और पूर्व IAS अधिकारी शाह फैसल शामिल हैं (फोटो- फेसबुक)

सर्दी की वजह से नेशनल कान्फ्रेंस (NC), पीडीपी (PDP) और पीपुल्स कान्फ्रेंस के नेताओं और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा उनकी सुरक्षा में लगे जवानों की सेहत पर असर पड़ रहा है.

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श्रीनगर. श्रीनगर (Srinagar) में सर्दियां बढ़ने के बीच जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) प्रशासन ने पांच अगस्त से सेंटूर होटल (Centaur Hotel) में बंद 34 राजनीतिक बंदियों (Political Prisoners) को रविवार को विधायक अतिथिगृह भेजने का फैसला किया है क्योंकि होटल में पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं.

अधिकारियों ने कहा कि सर्दी की वजह से नेशनल कान्फ्रेंस (NC), पीडीपी (PDP) और पीपुल्स कान्फ्रेंस नेताओं और जाने माने सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा उनकी सुरक्षा में लगे जवानों की सेहत पर असर पड़ रहा है.

जम्मू-कश्मीर का प्रशासन श्रीनगर से जम्मू हुआ स्थानांतरित
डल झील के किनारे स्थित होटल में पांच अगस्त को इन नेताओं को रखा गया था. उसी दिन सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों को समाप्त करने तथा राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने का फैसला किया था.

श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी में सर्द हवाएं चल रही हैं. इस महीने की शुरूआत में मौसम की पहली बर्फबारी हुई. नवनिर्मित केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन शीतकाल के लिए श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित हो गया है.

सेंटूर होटल ने 100 दिन का बिल भेजा करीब 3 करोड़ रुपये
इन राजनीतिक बंदियों में पीपुल्स कान्फ्रेंस के सज्जाद लोन, नेशनल कान्फ्रेंस के अली मोहम्मद सागर, पीडीपी के नईम अख्तर और पूर्व IAS अधिकारी शाह फैसल शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को शुक्रवार को जाबेरवान रेंज की पहाड़ियों पर स्थित एक पर्यटक हट से शहर में एक सरकारी स्थान पर भेजा गया.
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इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) के स्वामित्व वाले सेंटूर होटल ने इन लोगों के 100 दिन के आवास और अन्य खर्च का करीब 3 करोड़ रुपये का बिल गृह विभाग को भेजा है.

हालांकि प्रशासन ने सेंटूर होटल (Centaur Hotel) के बिल को खारिज करते हुए दलील दी है कि होटल को पांच अगस्त को एक सहायक अस्थाई जेल बनाया गया था और इसलिए सरकारी दरों पर भुगतान किया जाएगा.

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First published: November 17, 2019, 7:36 PM IST
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