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दुष्यंत चौटाला को पहले से पता था चंडीगढ़ की चाबी उनके पास है

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Updated: October 24, 2019, 11:59 AM IST
दुष्यंत चौटाला को पहले से पता था चंडीगढ़ की चाबी उनके पास है
दुष्यंत चौटाला चुनावों के दौरान ही कह रहे थे किचंडीगढ़ की चाबी उनके पास है

हरियाणा (Haryana) में दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) किंगमेकर बनने जा रहे हैं. सरकार बनाने के लिए उनकी पार्टी के समर्थन की जरूरत पड़ेगी...

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हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) के दौरान अक्सर दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) से पूछा जाता था कि जननायक जनता पार्टी (Jannayak Janta Party) का गठन सिर्फ 11 महीने पहले हुआ है, ऐसे में आप अपनी पार्टी से क्या उम्मीद रखते हैं. चौटाला जवाब देते- 'याद रखिए जब अफगानिस्तान की टीम ने क्रिकेट वर्ल्ड कप में डेब्यू किया था. किसी ने नहीं सोचा था कि वो सही से खेल पाएगी और सेमीफाइनल तक पहुंच जाएगी. हमलोग नई पार्टी हैं. लेकिन आप विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखकर हैरान होंगे.' दुष्यंत चौटाला की कही बात सच साबित हुई है. जननायक जनता पार्टी ने अपने नतीजों से हैरान किया है.

हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में जेजेपी (JJP) ने बड़ा उलटफेर किया है. इंडियन नेशनल लोकदल से अलग होकर बनी जननायक जनता पार्टी किंगमेकर बनने जा रही है. सरकार बनाने के लिए दुष्यंत चौटाला के समर्थन की जरूरत होगी. दुष्यंत चौटाला की पार्टी को 10 से 12 सीटें मिलती दिख रही हैं.

खबर मिली की सरकार बनाने के लिए दुष्यंत चौटाला से संपर्क साधने की कोशिशें शुरू हो गईं. इसके तुरंत बाद खबर आई कि समर्थन के एवज में दुष्यंत चौटाला ने सीएम की कुर्सी की मांग रख दी है. दुष्यंत चौटाला ने साबित कर दिया है कि देवीलाल की राजनीति के असली वारिस वहीं हैं. ये उनके सधी हुई चुनावी रणनीति का नतीजा है.

जेजेपी को था जाट वोटर्स पर भरोसा

जेजेपी को शुरुआत से ही अपने जाट और युवा वोटर्स पर भरोसा था. इस भरोसे को पुख्ता करने के लिए दुष्यंत चौटाला ने चुनाव के दौरान खूब मेहनत की थी. दुष्यंत चौटाला का चुनावी मैनेजमेंट अच्छा रहा. उन्होंने दूर-दराज के गांवों तक पहुंच कर अपने वोटर्स को इकट्ठा किया. खासकर दुष्यंत चौटाला ने राज्य के युवा वोटर्स पर ज्यादा ध्यान दिया.

दुष्यंत चौटाला ने मोटरसाइकिल से दूरदराज के गांवों तक पहुंचे. गांवों में रुककर रात बिताई. स्थानीय लोगों के घरों में रुके. उन्होंने डोर-टू-डोर कैंपेन पर ज्यादा जोर दिया. शायद यही वजह है कि काफी पहले वो नतीजों की नब्ज भांप चुके थे. चुनावों के दौरान ही वो कहने लगे थे कि 'मैं जानता हूं कि चंडीगढ़ की चाबी मेरे हाथ में है.'

haryana assembly election 2019 how dushyant chautala and his jannayak janta party become king maker in state jat politics
दुष्यंत चौटाला को जाट वोटर्स पर भरोसा था

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लोग कहते रहे कि जेजेपी का असर बहुत थोड़े जाट वोटर्स पर है. लेकिन उन्होंने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया. दुष्यंत चौटाला का अग्रेसिव कैंपेन काम आया.

चुनाव के ऐन पहले आए घोषणापत्र में युवाओं पर फोकस

चुनाव के चार दिन पहले आए जेजेपी के घोषणापत्र का भी असर रहा. जेजेपी ने मुख्यतौर पर राज्य के युवाओं को फोकस में रखते हुए घोषणापत्र तैयार किया था. जेजेपी ने वादा किया कि अगर वो सत्ता में आई तो राज्य की 75 फीसदी नौकरियों को स्थानीय युवाओं के लिए आरक्षित कर देंगे. राज्य के करीब 1.83 करोड़ युवा वोटर्स के लिए ये लुभाने वाली घोषणा थी. ऐसा लगता है कि इसके बाद युवा वोटर्स जेजेपी से जुड़े हैं.

जेजेपी ने वादा किया कि अगर वो सत्ता में आई तो राइट टू वर्क एक्ट लागू किया जाएगा, इसमें उम्मीदवार के क्वालिफिकेशन के आधार पर नौकरियां मिलेंगी. इसके साथ ही जेजेपी ने वादा किया कि वो राज्य के बेरोजगार नौजवानों को 11 हजार रुपए महीने की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी. गांव के बेरोजगारों को नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षा में 10 पॉइंट बोनस के तौर पर दिए जाएंगे. इन सारी घोषणाओं ने युवाओं को प्रभावित किया.

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चुनावों से पहले युवाओं को फोकस में रखता हुआ घोषणापत्र भी काम आया


किसान और छात्रों को भरोसे में लेने की कोशिश

इसके साथ ही जेजेपी ने किसानों और छात्रों के लिए भी कुछ अच्छी चीजें घोषणापत्र में जोड़ी थीं, जिसका असर हुआ. किसानों को भरोसा दिलाया गया कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर 10 फीसदी या कम से कम 100 रुपए का बोनस दिया जाएगा. लड़कियों को पीएचडी तक की मुफ्त शिक्षा का वादा किया गया.

पार्टी ने वादा किया कि प्राइवेट स्कूलों की फीस को रेगुलेट किया जाएगा और उसकी 20 फीसदी सीटें गरीब छात्रों के लिए आरक्षित की जाएंगी. बुजुर्गों के लिए पेंशन की तय उम्रसीमा कम करने का भी वादा किया गया. चुनाव के ठीक पहले इसने अच्छा असर किया.

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First published: October 24, 2019, 11:59 AM IST
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