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Haryana Election Results 2019: हरियाणा की जंग में कैसे किंग मेकर बनी 10 महीने पुरानी पार्टी?

Haryana Poll Results 2019: जींद उप चुनाव और लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी दुष्यंत चौटाला ने हार नहीं मानी. इसका परिणाम ये हुआ कि इस बार खाता खुल गया. लगातार जनता के बीच रहने से उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है

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    नई दिल्ली. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 के परिणाम (Haryana Election Results 2019) के अब तक के जो रुझान आए हैं उसके मुताबिक जन नायक जनता पार्टी (जेजेपी) किंग मेकर की भूमिका में है. जेजेपी (JJP) को इस चुनाव में चाभी निशान मिला था. यह सियासी चाभी किस पार्टी का ताला खोलेगी, यह बड़ा सवाल है. वो कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) में से किसे चुनेगी? राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) कांग्रेस के साथ जाना पसंद करेंगे. इसकी कुछ वजहें भी हैं. दोनों पार्टियां चौटाला पर डोरे डाल रही हैं. सवाल ये है कि सिर्फ 10 माह पुरानी पार्टी कैसे इस भूमिका में पहुंच गई कि उसके बिना हरियाणा में सरकार नहीं बनती नजर आ रही है.



    हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार नवीन धमीजा कहते हैं कि दुष्यंत और उनके भाई दिग्विजय चौटाला दिसंबर में पार्टी बनाने के बाद से लगातार जनता के बीच हैं. वो सरकार के खिलाफ मुखर हैं. जींद उप चुनाव और लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. इसका परिणाम ये हुआ कि इस बार खाता खुल गया. लगातार जनता के बीच रहने से वे लोकप्रिय हैं.

    किसके साथ जा सकते हैं दुष्यंत?

    धमीजा कहना है कि जाटों में बीजेपी के खिलाफ नाराजगी दिख रही है. यही नाराजगी वाला वोट जेजेपी को मिला है. जेजेपी और कांग्रेस ने चुनाव के दौरान एक गुप्त समझौता कर रखा था. इसमें दोनों एक-दूसरे को सपोर्ट कर रहे थे. इसलिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ दुष्यंत ज्यादा सहज रहेंगे. उन्हें 8-10 सीटें मिलती नजर आ रही हैं. इसलिए वो ऐसी भूमिका चाहेंगे कि जनता के काम करवा सकें. हालांकि बड़ा ऑफर देने पर वो बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं.

    जेजेपी को मनाने में जुटी बेजपी
    जेजेपी को मनाने में जुटी बीजेपी


    बताया जा रहा है कि दुष्यंत बीजेपी को समर्थन दे सकते हैं. बीजेपी ने दुष्यंत चौटाला पर डोरे डालने के लिए प्रकाश सिंह बादल को जिम्मेदारी दी है. बादल परिवार के चौटाला परिवार से अच्छे रिश्ते हैं. जब अजय और अभय चौटाला के बीच आईएनएलडी पर कब्जे को लेकर झगड़ा हुआ था तो भी बादल परिवार ने मध्यस्थता करवाने की कोशिश की थी, लेकिन यह कोशिश सफल नहीं हुई. आखिरकार दिसंबर 2018 में अजय चौटाला के बेटों दुष्यंत और दिग्विजय ने मिलकर जननायक जनता पार्टी बना ली.



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