लाइव टीवी

राजनीति में बबीता फोगाट की एन्ट्री से अब लोग जानेंगे कि बेटियां भी बेटों से कम न होवे हैं

News18Hindi
Updated: October 14, 2019, 6:45 PM IST
राजनीति में बबीता फोगाट की एन्ट्री से अब लोग जानेंगे कि बेटियां भी बेटों से कम न होवे हैं
राजनीति में बबीता फोगाट ने ली एन्ट्री

अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान बबीता फोगाट बीजेपी में शामिल होने के बाद अब कुश्ती के अखाड़े से बाहर निकलकर राजनीति के दंगल में सियासी दांव-पेंच आजमाएंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2019, 6:45 PM IST
  • Share this:
बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान की हरियाणा से शुरुआत करने वाली खट्टर सरकार अब बेटियों को राजनीति के दंगल में भी उतार रही है. अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान बबीता फोगाट बीजेपी में शामिल होने के बाद अब कुश्ती के अखाड़े से बाहर निकलकर राजनीति के दंगल में सियासी दांव-पेंच आजमाएंगी. हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बबीता को उम्मीदवार बनाया है. दादरी से बबीता फोगाट चुनाव लड़ेंगी. बबीता ने हाल ही में बीजेपी ज्वाइन की है.

बबीता फोगाट द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित पहलवान महाबीर फोगाट की बेटी हैं. चरखी दादरी की निवासी बबीता ने अपनी बहन गीता फोगाट की ही तरह महिला कुश्ती में देश का नाम रोशन किया है.

हालांकि ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि बबीता फोगाट हरियाणा में नवगठित पार्टी जजपा यानी जननायक जनता पार्टी में शामिल हो सकती हैं. दरअसल, बबीता के पिता महाबीर फोगाट ने जजपा के प्रचार-प्रसार में काफी काम किया था और वो अजय चौटाला के करीबी भी माने जाते थे. लेकिन हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले बबीता के बीजेपी में शामिल होकर सभी कयासों पर विराम लगा दिया.

हरियाणा के भिवानी की फोगाट बहनों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला कुश्ती में देश का नाम रोशन किया है. गीता फोगाट ने कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए महिला मुकाबलों में पहला गोल्ड मैडल जीता था.

बबीता फोगाट का जन्म हरियाणा की उस पुरातनपंथी और संकुचित सोच की ज़मीन पर हुआ था जहां बेटियों का जन्म लेना ही अभिशाप माना जाता था. बेटियों के स्कूल जाने पर रोक थी तो उनकी शादी-ब्याह कम उम्र में ही कर दिया जाता था. लेकिन समाज की संकुचित सोच की परवाह न करते हुए महाबीर फोगाट ने अपनी बेटियों को बेटों के बरक्स ही समझा और उन्हें पहलवानी सिखा कर समाज में क्रांति कर डाली. उन्होंने बेटियों को पहलवान बनाने के लिए कठोर परिश्रम किया. पिता की गुरू-दीक्षा और बेटियों की घंटों की कड़ी मेहनत का फल भी मिला और गीता फोगाट जहां कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रचा तो बबीता ने स्कॉटलैंड में ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता.

बबीता के पिता का मानना है कि अगर बबीता चुनाव जीतती हैं तो राज्य में खेलों के प्रचार-प्रसार और नीतियों में अपना योगदान देंगी.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 14, 2019, 6:45 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...