मुझे हटाने का फैसला आश्चर्चजनक, अपना पक्ष तक रखने नहीं दिया: द्राबू

कैबिनेट से निकाले गए द्राबू ने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कोई वक्त नहीं दिया गया और पार्टी के फैसले के बारे में उन्हें मीडिया से जानकारी मिली.

भाषा
Updated: March 13, 2018, 8:53 PM IST
मुझे हटाने का फैसला आश्चर्चजनक, अपना पक्ष तक रखने नहीं दिया: द्राबू
हसीब द्राबू (फाइल फोटो) Image: PTI
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Updated: March 13, 2018, 8:53 PM IST
पीडीपी के वरिष्ठ नेता हसीब द्राबू ने मंगलवार को कहा कि उन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने का जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का फैसला उनके लिए आश्चर्यजनक था. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से इसकी जानकारी दी गई, वह स्तब्ध करने वाला था.

द्राबू ने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कोई वक्त नहीं दिया गया और पार्टी के फैसले के बारे में उन्हें मीडिया से जानकारी मिली. हालांकि, उन्होंने कहा कि उनकी किसी से कोई दुर्भावना नहीं है.

उन्होंने श्रीनगर में एक बयान में कहा, ‘मुझे हटाने का फैसला आश्चर्यजनक था लेकिन इसे जिस तरीके से उसकी जानकारी दी गई, वह स्तब्ध करने वाला था.’ द्राबू को जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ पीडीपी- बीजेपी गठबंधन को अमली जामा पहनाने में सहयोग देने वालों में से एक माना जाता है.

गौरतलब है कि कश्मीर पर एक टिप्पणी करने को लेकर द्राबू को मंगलवार को मंत्रिपरिषद से हटा दिया गया. उन्होंने यह टिप्पणी की थी कि कश्मीर एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है. पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद को हटाने के पार्टी के फैसले को समझा और स्वीकार किया लेकिन यह तकलीफदेह था. उन्होंने कहा, ‘मुझे अपने बयान का परिप्रेक्ष्य और विषय वस्तु का ब्योरा देने का अवसर नहीं दिया गया.’

द्राबू को बीजेपी नेतृत्व का करीबी माना जाता है. उन्होंने पीडीपी के मिशन को पूरा करने में योगदान देने का अवसर देने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की परेशानी का हल करने के लिए उन्हें उपलब्ध कराए गए अवसर को लेकर वह मुफ्ती मोहम्मद सईद और महबूबा मुफ्ती के बहुत आभारी हैं.

द्राबू ने कहा, ‘पीडीपी से मेरा नाता उन दिनों से है जब मैं औपचारिक तौर पर राजनीति में नहीं था. मुफ्ती मोहम्मद सईद ने हमेशा मुझ पर भरोसा रखा.’

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