हाथरस केस: द्रमुक की महिला इकाई पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकालेगी

द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा.
द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा.

द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एम के स्टालिन (MK Stalin) ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों, महिलाओं और अनुसूचित जाति तथा जनजाति समुदाय की सुरक्षा पर 'उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में प्रश्नवाचक चिह्न लगा रहता है.'

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चेन्नई. द्रमुक की महिला इकाई हाथरस पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए सांसद कनिमोई के नेतृत्व में सोमवार को राजभवन की तरफ एक कैंडल मार्च निकालेगी. हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की वारदात के बाद उसकी मौत हो गई थी. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों, महिलाओं और अनुसूचित जाति तथा जनजाति समुदाय की सुरक्षा पर 'उत्तर प्रदेश में प्रश्नवाचक चिह्न लगा रहता है.'

उन्होंने एक बयान में कहा कि मीडिया को भी सुरक्षा की कमी महसूस हो रही है. केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि, वह इस स्थिति से निपटे और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित करे. उन्होंने कहा कि द्रमुक महिला इकाई ने राजभवन की तरफ मार्च निकालने का प्रस्ताव रखा. लोकसभा सदस्य कनिमोई इस प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी. उन्होंने कहा कि, पार्टी की महिला कार्यकर्ता हाथरस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकालेंगी.

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कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वांड्रा को हाथरस जाने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस पर बरसते हुए स्टालिन ने कहा, 'उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी गलतियां सुधारनी चाहिए और महिला को न्याय मिल सके, यह सुनिश्चित करना चाहिए.'

स्टालिन ने कहा, ' सरकार को सार्वजनिक तौर पर राहुल गांधी से माफी मांगनी चाहिए और केंद्र सरकार को इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को दिशानिर्देश जारी करने चाहिए.' उन्होंने कहा कि सोमवार को प्रदर्शन में यह मांग भी रखी जाएगी.
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