हाथरस केस: पूर्व IPS अधिकारी बोले- अंग्रेजों के नक्शेकदम पर यूपी पुलिस, क्या पोस्टमार्टम में भी धांधली करवा दी?

पुलिस ने किया पीड़िता का अंतिम संस्कार
पुलिस ने किया पीड़िता का अंतिम संस्कार

Hathras Case: हाथरस मामले में पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए पूर्व IPS अधिकारी एनसी अस्थाना ने लिखा, 'परिवार का दूसरे पोस्टमार्टम की मांग करने का अधिकार भी छीन लिया? संवेदनहीनता एक चीज है, केस को जानबूझ कर कमजोर करना अलग चीज.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 11:56 AM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras Gangrape) मामले में 19 वर्षीय लड़की से कथित गैंगरेप और फिर मौत के मामले में प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. इस पुलिसिया कार्रवाई पर पूर्व IPS अधिकारी एनसी अस्थाना ने भी सवाल उठाए हैं. माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्वीटर पर अस्थाना ने लिखा कि 'सफदरजंग में पोस्टमार्टम हुआ या उसमें भी धांधली करवा दी? परिवार का दूसरे पोस्टमार्टम की मांग करने का अधिकार भी छीन लिया?'

उन्होंने लिखा, 'हाथरस केस. पुलिस ने गिरफ्तारी कर ली थी, ठीक है. लेकिन लाश जबरन जलवा दी, ये सरासर बदमाशी है. सफदरजंग में पोस्टमार्टम हुआ या उसमें भी धांधली करवा दी? परिवार का दूसरे पोस्टमार्टम की मांग करने का अधिकार भी छीन लिया? संवेदनहीनता एक चीज है, केस को जानबूझ कर कमजोर करना अलग चीज.'

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पूर्व IPS अधिकारी ने लिखा कि 'पूरे प्रशासनिक तंत्र की सारी कोशिश यह साबित करने की है कि हाथरस कांड कोई गंभीर घटना नहीं है. ऐसा होता रहता है. ये लोग कैसे अपने ज़मीर को इस क़दर मार लेते है? क्या आत्मा कभी नहीं कचोटती कि मालिक द्वारा फेंके गये चंद टुकड़ों के लिये पाप करने को सहर्ष तैयार रहते हैं? ज़ोंबी हैं क्या?'

पीड़िता का शव परिजनों को ना दिए जाने और पुलिस द्वारा जबरन जलाने के मामले पर अस्थाना ने लिखा- 'लाशें चुपके से जलवा देना इस महान संस्कारी देश की पुरानी परंपरा है. भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शव भी चुपके से रात के अंधेरे में जला कर राख को सतलज में बहा दिया था. यूपी पुलिस ने उसी गर्हित परंपरा का निर्वाह किया है. जन आक्रोश से इतना डरते हो? पाप न किया होता तो साहस होता.'

यूपी सरकार ने किया SIT का गठन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हाथरस गैंगरेप की घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए कहा है. हाथरस जिले के एक गांव में दो सप्ताह पहले 19 वर्षीय एक महिला के साथ कथित रूप से निर्मम तरीके से गैंगरेप किया गया था.

मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में उसका निधन हो गया. अधिकारी ने कहा कि सचिव गृह, भगवान स्वरूप, एसआईटी का नेतृत्व करेंगे और डीआईजी, चंद्रप्रकाश, और कमांडेंट पीएसी आगरा, पूनम इसके सदस्य होंगे. अधिकारी ने कहा कि एसआईटी को सात दिनों में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है.
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