हाथरस केस: पीड़ित परिवार का भी होगा नार्को टेस्ट, कांग्रेस ने कहा- 'यह योगी सरकार के पागलपन का सबूत'

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सूरजेवाला  (फाइल फोटो)
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सूरजेवाला (फाइल फोटो)

हाथरस मामले (Hathras Case) पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सूरजेवाला (Randeep Surjewala) ने कहा कि 'पीड़ित बेटी का न इलाज हुआ, न न्याय मिला. रात को ढाई बजे पीड़ित बेटी का शव जलाया. पिता को धमकी दी गई. मोबाइल तक छीन लिया. गाँव में मीडिया नही जा सकता. अधर्मी योगी इस्तीफ़ा दो.'

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  • Last Updated: October 3, 2020, 12:34 PM IST
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नई दिल्ली/ हाथरस. उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras Case) में कथित गैंगरेप पीड़िता के परिजनों का नार्को टेस्ट कराने के राज्य सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सूरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है कि 'यह आदित्यनाथ सरकार के पागलपन का जीता जागता सबूत है.'

सूरजेवाला ने कहा कि 'हाथरस में पीड़ित दलित परिवार के नार्को टेस्ट की खबर आदित्यनाथ सरकार के पागलपन का जीता जागता सबूत है.  पीड़ित बेटी का न इलाज हुआ, न न्याय मिला. रात को ढाई बजे पीड़ित बेटी का शव जलाया. पिता को धमकी दी गई. मोबाइल तक छीन लिया. गाँव में मीडिया नही जा सकता. अधर्मी योगी इस्तीफ़ा दो.'


हाथरस की पीड़िता के परिवार को धमकाना बंद करे उप्र सरकार: प्रियंका
इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाथरस की पीड़िता के परिवार को नार्को टेस्ट की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया और कहा कि इस परिवार को धमकाना बंद कीजिए.



उन्होंने ट्वीट किया, ‘उप्र सरकार नैतिक रूप से भ्रष्ट है. पीड़िता को इलाज नहीं मिला, समय पर शिकायत नहीं लिखी, शव को जबरदस्ती जलाया, परिवार कैद में है, उन्हें दबाया जा रहा है - अब उन्हें धमकी दी जा रही कि नार्को टेस्ट होगा. ये व्यवहार देश को मंजूर नहीं.’ कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा, ‘पीड़िता के परिवार को धमकाना बंद कीजिए.’

हम जाएंगे कोर्ट- कांग्रेस
इसके साथ ही कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने कहा कि अगर परिवार को लोगों से मिलने पर लगी रोक नहीं हटाई गई तो वह अदालत का रुख करेंगे. उन्होंने ट्वीट किया, ‘हाथरस की पीड़िता के परिवार को किसी से मिलने से रोके जाने को लेकर कपिल सिब्बल से चर्चा की . यह इस परिवार के मौलिक अधिकार का घोर हनन है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सलाह है कि वह यह रोक हटाएं, नहीं तो हम अदालत का रुख करेंगे.’

गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था और मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई जिसके बाद बुधवार की रात को उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
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