Hathras Case: सुप्रीम कोर्ट का फैसला- यूपी से बाहर अभी ट्रांसफर नहीं होगा ट्रायल, HC करेगा मामले की निगरानी

हाथरस में कथित तौर पर 10 वर्षीय युवती से चार लोगों ने रेप किया था. (फाइल फोटो)
हाथरस में कथित तौर पर 10 वर्षीय युवती से चार लोगों ने रेप किया था. (फाइल फोटो)

Uttar Pradesh Hathras Case: यूपी के हाथरस में एक युवती के साथ हैवानियत के बाद हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद पुलिस ने तमाम विरोध के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया था. इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस सवालों के घेरे में आ गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 1:23 PM IST
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नई दिल्ली/हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 19 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप और मौत के मामले (Hathras Gangrape News) की निगरानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि फिलहाल मामले का ट्रायल यूपी से बाहर नहीं होगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले की निगरानी करेगा और सीबीआई कोर्ट को रिपोर्ट करेगी. इसके अलावा पीड़ितों व गवाहों की सुरक्षा पर भी हाईकोर्ट ध्यान देगा. सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित परिवार ने अपील की थी कि इस मामले का ट्रायल दिल्ली में हो. अदालत ने कहा कि मामले की जांच के बाद कोर्ट तय करेगा कि केस का ट्रांसफर उत्तर प्रदेश से दिल्ली किया जाए या नही.

इससे पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणियन की बेंच ने एक जनहित याचिका और कार्यकर्ताओं तथा वकीलों की ओर से दायर कई अन्य हस्तक्षेप याचिकाओं पर 15 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. याचिकाओं में दलील दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, क्योंकि कथित तौर पर जांच बाधित की गयी.

गौरतलब है कि हाथरस में एक दलित लड़की से कथित तौर पर गैंगरेप किया गया था. कथित दरिंदगी के बाद लड़की की जीभ काट दी गई थी और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी. नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस मामले से जुड़ी याचिकाओं में दलील दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, क्योंकि कथित तौर पर जांच बाधित की गयी.



क्या है मामला?
हाथरस के एक गांव में दलित लड़की के साथ बीते 14 सितंबर को चार युवकों द्वारा कथित तौर पर गैंगरेप किया गया था. उसकी हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया. परिवार का कहना है पुलिस ने देर रात जबरन लड़की का अंतिम संस्कार करा दिया.

हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अंतिम संस्कार ‘परिवार की इच्छा के अनुसार किया गया.’ इस घटना को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किये गए और लोगों ने पीड़िता के लिए न्याय की मांग की. फिलहाल इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई की जांच जारी है.  इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने उत्तर प्रदेश में मामले की निष्पक्ष सुनवाई नहीं होने की आशंका प्रकट की थी. (भाषा इनपुट के साथ)

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