Hathras Case: पुलिस की धक्का-मुक्की में गिरे डेरेक ओ ब्रायन, TMC नेता बोलीं- हमारे ब्लाउज खींचे गए

धक्का-मुक्की में टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन गिर पड़े. (Video Grab)
धक्का-मुक्की में टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन गिर पड़े. (Video Grab)

Hathras Case: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में कथिरतौर पर गैंगरेप की शिकार हुई युवती की मौत और पुलिस के रात में ही शव का अंतिम संस्कार कर देने की घटना को लेकर देशभर में आक्रोश है. आज पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे तृणमूल के कुछ सांसदों को यूपी पुलिस ने रोक लिया. पढ़ें अपडेट्स:-

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 7:25 PM IST
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Protest against Hathras Case: उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड (Hathras Gangrape Case) को लेकर सियासत और हंगामा जारी है. कई विपक्षी पार्टियां मामले में उत्तर प्रदेश की सरकार और यूपी पुलिस के रवैये को लेकर सवाल उठा रही हैं. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के बाद आज तृणमूल (टीएमसी) के नेताओं ने कथिततौर पर गैंगरेप का शिकार हुई पीड़िता के गांव पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया. इस दौरान धक्का-मुक्की में टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन गिर पड़े. वहीं, तृणमूल की नेता ममता ठाकुर ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है.

ममता ठाकुर ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि महिला पुलिसकर्मियों ने हमारे ब्लाउज खींचे और हमारी सांसद प्रतिमा मंडल पर लाठीचार्ज किया, वे नीचे गिर गईं. फीमेल पुलिस के होते हुए मेल पुलिस ने हमारी सांसद को छुआ. यह शर्म की बात है.






LIVE: हाथरस नहीं जाने देने पर धरने पर बैठे TMC सांसद, गांव में मीडिया की भी एंट्री बैन

तृणमूल सांसदों का यह समूह 200 किमी दूर दिल्ली से आया था. इनमें डेरेक ओ'ब्रायन, काकोली घोष दस्तीदार, प्रतिमा मोंडल और (पूर्व सांसद) ममता ठाकुर हैं. रोके गए सांसदों में से एक सांसद ने कहा, 'हम शांति से हाथरस की ओर बढ़ रहे हैं पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी सांत्वना देने जा रहे हैं. हम अलग-अलग यात्रा कर रहे हैं और सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं. हमने कोई हथियार नहीं लिए हैं. हमें रोका क्यों गया है?'

छावनी में तब्दील हुआ गांव, मीडिया की नो-एंट्री
पुलिस ने हाथरस गैंगरेप पीड़ित के गांव को पुलिस ने छावनी बना रखा है. जिले में धारा-144 लगाने के साथ ही पीड़ित के गांव में नाकेबंदी है. गांव के लोगों को भी आईडी दिखाने के बाद ही एंट्री दी जा रही है. प्रशासन के इस रवैये से लोग नाराज हैं. उनका कहना है कि हमारे ही गांव में हमसे अपराधी जैसा सलूक हो रहा है.

पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की
एक वीडियो में हाथरस के डीएम प्रवीण लक्षकार पीड़ित परिवार से यह कहते हुए दिख रहे हैं कि मीडिया आज यहां है, कल नहीं रहेगा. आप सरकार की बात मान लीजिए. यह वीडियो वायरल होने के बाद परिवार के किसी भी सदस्य को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा. मृतक लड़की के पिता ने सीबीआई जांच की मांग की है. उनका कहना है कि यूपी पुलिस पर अब भरोसा नहीं रहा, हमें मीडिया वालों से नहीं मिलने दे रहे. घर से निकलने पर भी 10 तरह के सवाल किए जा रहे हैं.
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