Hathras Case: यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताई देर रात शव जलाने की वजह

Hathras Case: उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras) में कथित तौर पर गैंगरेप पीड़िता का शव आधी रात में जलाए जाने के मामले पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया है.
Hathras Case: उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras) में कथित तौर पर गैंगरेप पीड़िता का शव आधी रात में जलाए जाने के मामले पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया है.

Hathras Case: उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras) में कथित तौर पर गैंगरेप पीड़िता का शव आधी रात में जलाए जाने के मामले पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 11:59 AM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras News) में कथित तौर पर गैंगरेप पीड़िता का रात में अंतिम संस्कार करने पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल किया है. सरकार ने दावा किया है कि वो चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट सीबीआई जांच की निगरानी करे. सरकार ने यह भी दावा किया कि परिवार के सदस्य भविष्य में हिंसा के आसार देखते हुए आधी रात में अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए और यह कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए किया गया.

यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, 'पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बलात्कार का जिक्र नहीं किया. उसने अपने दूसरे बयान में बलात्कार का आरोप लगाया और सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.' बता दें अदालत इस मामले की सुनवाई आज 12 बजे के आसपास करेगी.

गौरतलब है कि 19 वर्षीय दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की सीबीआई जांच या एसआईटी जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा.



CJI की पीठ करेगी याचिका पर सुनवाई
याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया है कि सीबीआई या एसआईटी द्वारा सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच के लिए उचित आदेश पारित किया जाए और मामले को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए क्योंकि उत्तर प्रदेश के अधिकारी आरोपी के खिलाफ 'कार्रवाई करने में विफल हैं.

हाथरस मामले में अपने हलफनामे में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के सदस्यों द्वारा भाजपा सरकार को बदनाम करने  के लिए साजिश रची जा रही है. कहा गया है कि 'जानबूझकर और योजनाबद्ध तरीके से राज्य में जातीय / सांप्रदायिक दंगा कराने का प्रयास किया जा रहा है.'

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की अध्यक्षता वाली एक पीठ सामाजिक कार्यकर्ता सत्यम दुबे , वकील विशाल ठाकरे और रुद्र प्रताप यादव की याचिका पर सुनवाई करेगी.
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