होम /न्यूज /राष्ट्र /KCR बोले- मुझे 120 नेताओं का समर्थन, जरूरत पड़ी तो चुनाव बाद बनाऊंगा फेडरल फ्रंट

KCR बोले- मुझे 120 नेताओं का समर्थन, जरूरत पड़ी तो चुनाव बाद बनाऊंगा फेडरल फ्रंट

तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव (PTI)

तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव (PTI)

तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव अब 'फेडरल फ्रंट' के नाम पर अपने लिए राष्ट्रीय ...अधिक पढ़ें

    लोकसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक दल सियासी गुना-गणित में जुटे हैं. तेलंगाना विधानसभा चुनाव में दो- तिहाई बहुमत से सत्ता में वापसी करने वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) भी इस रेस में पीछे नहीं. केसीआर अब 'फेडरल फ्रंट' के नाम पर अपने लिए राष्ट्रीय राजनीति में संभावनाएं तलाश रहे हैं. केसीआर ने 'फेडरल फ्रंट' बनाने के लिए दूसरे दलों से समर्थन का दावा भी किया है. उनके मुताबिक, उन्हें 120 नेताओं का समर्थन हासिल है. आम चुनाव के बाद अगर जरूरत पड़ी तो वो इन नेताओं के समर्थन से 'फेडरल फ्रंट' बना सकते हैं.

    BJP के इन मंत्रियों की बदलेगी सीट, महागठबंधन के खिलाफ यहां से ठोकेंगे ताल!

    केसीआर ने कहा, 'लोगों को लगता है कि मेरे पास सिर्फ 16 सांसद हैं. बेशक मैं अपना प्लान और स्ट्रैटजी सार्वजनिक नहीं करूंगा. लेकिन, एक बात मैं आपको बता सकता हूं कि मेरे समर्थन में 120 नेता खड़े हैं. मैंने उन नेताओं से मुलाकात भी की और अपना प्लान साझा किया.' राव ने रविवार को करीमगनर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कही.

    हालांकि, केसीआर ने ये नहीं बताया कि विपक्ष के महागठबंधन के सामने उनका 'फेडरल फ्रंट' धरातल पर कब तक आएगा. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ज्यादातर क्षेत्रीय नेताओं को समर्थन के बाद भी राव के पास फेडरल फ्रंट को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं है. फिलहाल ये सिर्फ उनके दिमाग में है.


    फेडरल फ्रंट बनाने की कोशिश में जुटे केसीआर ने एक विशेष विमान किराए पर लिया है, जिससे वे तमाम राज्यों का दौरा कर वहां के क्षेत्रीय दलों के मुखिया और मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं. इसी कड़ी में तेलंगाना के सीएम केसीआर ने पहली मुलाकात ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रमुख नवीन पटनायक से की. मुलाकात के बाद दोनों ही नेता केंद्र में गैर- कांग्रेस और गैर- बीजेपी विकल्प देने के लिए क्षेत्रीय दलों की एकजुटता की इच्छा जताई.

    प्रियंका गांधी पहुंचीं प्रयागराज, बोट से गंगा यात्रा कर मिशन यूपी का करेंगी आगाज़

    नवीन पटनायक से मुलाकात के बाद केसीआर का अगला पड़ाव था पश्चिम बंगाल जहां वे मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुखिया ममता बनर्जी से मिले. ममता से मुलाकात के बाद केसीआर ने कहा कि यह छोटा काम नहीं है और आगे भी इस तरह की चर्चा जारी रहेगी.

    'फेडरल फ्रंट' की बात करें तो ममता बनर्जी ने सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय दलों की बड़ी भूमिका की वकालत की थी. इसी क्रम में टीएमसी प्रमुख ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार, आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी. लेकिन बाद में ममता बनर्जी ने फेडरल फ्रंट से अपने हाथ खींच लिए. इसके बाद केसीआर ने मोर्चा संभाल लिया.

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे समय में जब सीटों के लिहाज से देश की राजनीति की दशा और दिशा तय करने वाले बड़े राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक में गठबंधन पहले ही तय हो चुके हैं, तब बीजेपी के खिलाफ बन रहे इस महागठबंधन के समानांतर फेडरल फ्रंट की कवायद आखिरकार बीजेपी को फायदा पहुंचाएगी या कांग्रेस को, ये तो भविष्य में पता चलेगा. लेकिन, फेडरल फ्रंट से निश्चित तौर पर केसीआर को फायदा होगा. ये कहना गलत नहीं होगा कि फेडरल फ्रंट के जरिए केसीआर अपने लिए राष्ट्रीय राजनीति के दरवाजे खोलने की कोशिश कर रहे हैं.

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    Tags: BJP, K Chandrashekhar Rao, Narendra modi, Rahul gandhi

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें