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    सुशांत सिंह मामले में सुनवाई, CBI ने कहा- अपनी जिम्मेदारी जानते हैं, लीक नहीं की कोई जानकारी

    सुशांत सिंह मामले में मीडिया कवरेज को लेकर दायर की गई याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई अगले हफ्ते भी जारी रहेगी.
    सुशांत सिंह मामले में मीडिया कवरेज को लेकर दायर की गई याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई अगले हफ्ते भी जारी रहेगी.

    अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच को लेकर दिखाई जा रही मीडिया कवरेज को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इससे पहले भी रिटायर्ड पुलिसकर्मियों ने एक याचिका दायर कर कहा था कि न्यूज चैनल संवेदनशील जानकारी प्रसारित कर रहे हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 23, 2020, 10:07 PM IST
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    मुंबई. शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की एक बेंच जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. इन याचिकाओं में मीडिया को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत की जांच से संबंधित उनकी कवरेज को नियंत्रित करने के निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है. सुनवाई में सीबीआई (CBI) ने अदालत को बताया कि उसने मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी मीडिया में लीक नहीं की थी. मामले को लेकर सुनवाई अगले सप्ताह भी जारी रहेगी.

    केंद्र की एजेंसियों की दलील- हमने नहीं लीक की किसी भी तरह की जानकारी
    सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि जून में अभिनेता की आत्महत्या से संबंधित मामलों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate (ED)) और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) ने भी कोई सूचना लीक नहीं की थी. उन्होंने कहा कि सभी तीनों केन्द्रीय एजेंसियों ने अदालत में एफिडेविट दायर किए थे, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने जांच-संबंधी किसी भी जानकारी को लीक नहीं किया है. सिंह ने कहा, ‘हम अपनी जिम्मेदारियों को जानते हैं और किसी भी एजेंसी द्वारा जानकारी लीक करने का कोई सवाल ही नहीं है.’

    समाचार चैनलों पर भी उठे थे सवाल
    इससे पूर्व की सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि समाचार चैनल संवेदनशील जानकारी प्रसारित (Broadcast) कर रहे हैं. इन याचिकाकर्ताओं में रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों का एक समूह भी शामिल है. याचिकाकर्ताओं ने पूछा था कि चैनलों को इस तरह की जानकारी कैसे मिल रही है. उन्होंने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसियां उनकी सोर्स रही होंगी.



    मामले में पक्षकार बनाए गए केन्द्र सरकार (Central Government), नेशनल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (National Broadcasting Standards Authority) और समाचार चैनलों ने हाईकोर्ट को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक सेल्फ रेग्युलेटरी सिस्टम (Self Regulatory System) है.

    बेंच ने कहा 'मीडिया पहले निष्पक्ष था. मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ के बारे में जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि मीडिया का अब काफी ज्यादा 'ध्रुवीकरण' हो गया है और यह उसे कंट्रोल करने का नहीं बल्कि उसके काम में संतुलन कायम करने का सवाल है. लोग भूल जाते हैं कि रेखाएं कहां खींचनी हैं. सीमाओं में रहकर ऐसा किया जाए.' अदालत ने कहा, 'आप सरकार की आलोचना करना चाहते हैं, करें. मुद्दा यह है कि किसी की मौत हो गई है और आरोप है कि आप दखल दे रहे हैं.'
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