लाइव टीवी

लंबी चलेगी कुमारस्वामी की सरकार, 2019 का चुनाव साथ लड़ेंगे कांग्रेस-जेडीएस: देवगौड़ा

News18Hindi
Updated: June 28, 2018, 7:11 PM IST
लंबी चलेगी कुमारस्वामी की सरकार, 2019 का चुनाव साथ लड़ेंगे कांग्रेस-जेडीएस: देवगौड़ा
फाइल फोटो

जेडीएस के पास एक विकल्प यह है कि वह कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी के साथ जा सकती है, लेकिन कांग्रेस के पास जेडीएस के आगे सिर झुकाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

  • Share this:
(शरत शर्मा कालगुरु)

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने गुरुवार को कहा कि एचडी कुमारस्वामी की सरकार लंबे समय तक चलेगी. दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए देवगौड़ा ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस मिलकर अपने उम्मीदवार उतारेंगे और एक सीट पर जेडीएस बीएसपी के साथ मिलकर लड़ेगी.

एक तरफ कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने करीबी विधायकों से मिलकर गठबंधन सरकार को डरा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ जेडीएस सुप्रीमो देवगौड़ा गठबंधन साझीदार कांग्रेस के साथ सब ठीक होने का दावा कर रहे हैं. नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एचडी देवगौड़ा ने कहा, “कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जेडीएस सरकार लंबे समय तक चलेगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और जेडीएस नेताओं के बीच कोई समस्या नहीं है. अफवाह पर ध्यान न दें.”

देवगौड़ा ने आगे कहा, “कुमारस्वामी जुलाई में नया बजट पेश करेंगे और 12 जुलाई तक इसे पारित किया जाएगा. मीडिया में जो चिंता है वह अफवाहों की वजह से है, जिसमें कुछ भी गंभीर नहीं है. निश्चित तौर पर सरकार के लिए कोई खतरा नहीं है.”

सिद्धारमैया द्वारा बजट के विरोध पर देवगौड़ा ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. हाल ही में कांग्रेस विधानमंडल के नेता और गठबंधन समन्वय समिति के चेयरमैन सिद्धारमैया ने नए बजट का विरोध किया था. कुमारस्वामी जुलाई के दूसरे सप्ताह में बजट पेश कर सकते हैं. कुमारस्वामी ने किसानों से कर्जमाफी का वायदा किया है. बजट में किसानों को ऋण माफी के अलावा उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है.

देवगौड़ा की दिल्ली यात्रा को लेकर भी कई बातें हो रही हैं. जेडीएस सूत्रों के अनुसार, देवगौड़ा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के सीनियर नेताओं से बातचीत करने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. लेकिन देवगौड़ा ने बताया कि वह रक्षा मंत्रालय की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हैं.

राष्ट्रीय राजनीति पर देवगौड़ा ने क्या कहा?देवगौड़ा ने साफ कहा कि 2019 का चुनाव कांग्रेस और जेडीएस मिलकर लड़ेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एक सीट मायावती की पार्टी बीएसपी को देगी.

देवगौड़ा ने कहा, “नीतीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़कर महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं. मायावती और अखिलेश के बीच अच्छे रिश्ते हैं और आम चुनाव के लिए गठबंधन के बारे में औपचारिक बातचीत कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और लेफ्ट पार्टियां अपने मतभेद सुलझाने की कोशिश कर रही हैं. केरल में हम हमेशा एक सीट रिजर्व रखते हैं. कर्नाटक में हम (कांग्रेस-जेडीएस) सीटों के बंटवारे के बारे में बात करने वाले हैं.”

जब कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली तो वहां एनडीए के खिलाफ बन रहे गठबंधन की पार्टियों के नेता अपनी ताकत दिखाने के लिए मौजूद थे. ममता बनर्जी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मायावती, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल, चंद्रबाबू नायडू, पिनराई विजयन, तेजस्वी यादव और कई अन्य नेता वहां एकत्रित हुए थे.

इस समारोह के कुछ ही समय बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि उन्हें एचडी देवगौड़ा के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़ने में कोई समस्या नहीं है. इसी तरह की प्रतिक्रिया तेजस्वी यादव और बाकी नेताओं ने भी दी. गौरतलब है कि देवगौड़ा महागठबंधन के नेताओं में सबसे वरिष्ठ हैं, ऐसे में वह चुनाव में महागठबंधन का नेतृत्व कर सकते हैं. बता दें कि देवगौड़ा 1962 में विधायक बने थे और 1996 में वे देश के प्रधानमंत्री बने.

1996 में देवगौड़ा महागठबंधन के चलते ही प्रधानमंत्री बने थे. यदि सभी विपक्षी पार्टियां 400 सीटों मिलकर लड़ती हैं और बीजेपी के खिलाफ एक-एक उम्मीदवार उतारती हैं तो इतिहास एक बार खुद को दोहरा सकता है. देवगौड़ा को छोड़कर महागठबंधन के बाकी नेता लगभग समान उम्र के हैं और उनसे उम्र में भी काफी छोटे हैं. जबतक नीतीश कुमार बीजेपी से हाथ मिलाकर महागठबंधन से अलग नहीं हो गए उनके पास भी महागठबंधन का नेता बनने का अच्छा मौका था. अब फिलहाल महागठबंधन के अंदर ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही कि नीतीश कुमार को इसका हिस्सा बनाया जाए.

अगर राहुल गांधी सिद्धारमैया पर लगाम लगा पाते हैं तो कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन सिद्धारमैया और देवगौड़ा परिवार में पुरानी प्रतिस्पर्धा रही है और लग नहीं रहा है कि वह सरकार के सामने परेशानी खड़ी करना बंद करेंगे. जब तक सिद्धारमैया की मांग पूरी नहीं हो जाती वह राहुल गांधी और कुमारस्वामी के सामने मुश्किल खड़ी करना जारी रखेंगे.

सिद्धारमैया अपने किसी करीबी को ‘कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी’ का अध्यक्ष बनवाना चाहते थे और तीन को कैबिनेट में शामिल करवाना चाहते थे. एक बात तय है कि लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस और जेडीएस मिलकर सरकार चलाने की कोशिश करेंगे. जेडीएस के पास एक विकल्प यह है कि वह कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी के साथ जा सकती है, लेकिन कांग्रेस के पास जेडीएस के आगे सिर झुकाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 28, 2018, 3:30 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर