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60 साल की उम्र में अपने लिए सही मेडिक्लेम कैसे चुनें

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बचत खर्च न करें, दूरदर्शी बनें

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बचत खर्च न करें, दूरदर्शी बनें

वरिष्ठ नागरिक यानी कि ज़िंदगी के 60 साल पूरे करते-करते, आपकी ज़िम्मेदारियां भी लगभग पूरी हो चुकी होती हैं. पर एक सबसे बड़ी चिंता उसी उम्र में आ घेरती है और वो है कि कोई तकलीफ़ या बीमारी हो गई तो क्या होगा? ये एक ऐसा वक्त होता है जब आपका मेडिकल बिल सिर्फ़ बढ़ता ही है. आइए, जानें कि किस तरह आप अपने मेडिक्लेम को प्लान कर सकते हैं जो आपको टैक्स में भी राहत दे.

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    वरिष्ठ नागरिक यानी कि ज़िंदगी के 60 साल पूरे करते-करते, आपकी ज़िम्मेदारियां भी लगभग पूरी हो चुकी होती हैं. पर एक सबसे बड़ी चिंता उसी उम्र में आ घेरती है और वो है कि कोई तकलीफ़ या बीमारी हो गई तो क्या होगा? ये एक ऐसा वक्त होता है जब आपका मेडिकल बिल सिर्फ़ बढ़ता ही है. आइए, जानें कि किस तरह आप अपने मेडिक्लेम को प्लान कर सकते हैं जो आपको टैक्स में भी राहत दे.

    रिटायरमेंट– कामकाजी ज़िंदगी के कुछ फुर्सत भरे साल! जब आप अपनी ज़िंदगी कि किताब का एक पन्ना बंद करके दूसरे की शुरुआत करते हैं. ये ठीक वैसा ही है जैसा शायद आपने कॉलेज के पहले दिन महसूस किया होगा. कुछ वैसी ही उत्सुकता, कुछ वैसी ही चिंता. अक्सर ये उत्सुकता आपके आने वाले दिनों की अनिश्चितता और तनाव की वजह से छूमंतर हो जाती है. अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किए जाने वाले बेहद ज़रूरी खर्च ज़िंदगी के इसी दौर में आपको घेर लेते हैं. हालांकि, लोग 60 साल नहीं बल्कि 80 साल की उम्र तक अच्छा जीवन जीते हैं. मगर उसके लिए जो भी चीज़ें ज़रूरी हैं, उन्हें जुटाने के लिए अच्छी-खासी रकम खर्च होती है.

    दूसरे विकसित देशों की तरह भारत में सामाजिक सुरक्षा या आजीवन स्वास्थ्य सुरक्षा के दूसरे विकल्प यहां की जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं. हां, अगर आप सरकारी नौकरी में हैं और आपको कर्मचारी बीमा या इंश्योरेंस के ज़रिए रिटायरमेंट के बाद भी सुविधा मिलती है.

    यहां तक कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए जो हेल्थ प्लान मौजूद हैं, उनकी भी कुछ सीमाएं हैं. मसलन, ज़्यादा प्रीमियम राशि, समय-समय पर होने वाली मेडिकल जांच, को-पेमेंट और लंबे समय तक इंतज़ार करना इसमें शामिल है. मंहगाई के इस दौर में घटती हुई आमदनी और बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य के ज़रूरी खर्च, जैसे कि दांतों, आंखों से जुड़े ज़रूरी इलाज और मासिक जांच या अचानक आई कोई इमरजेंसी को वे कैसे मैनेज कर पाएंगे? ये आसान नहीं है.

    पर हमारे पास आपकी मदद के लिए कुछ बेहद कारगर आइडिया हैं. जिनकी मदद से रिटायरमेंट के दौरान भी आप इस तरह के खर्च बड़ी आसानी से निकाल पाएंगे. ये छोटे-से मगर आसान तरीके से आप न सिर्फ़ बेफ़िक्र हो जाएंगे, बल्कि आपका स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाला खर्च भी कम हो जाएगा. यानी कि बचत ही बचत.



    स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बचत खर्च न करें, दूरदर्शी बनें
    सबसे बेहतर है कि आप जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी एक अच्छी हेल्थ पॉलिसी ले लें. इसकी वजह है कि आप जितनी जल्दी किसी पॉलिसी को लेते हैं, तो आपको कम प्रीमियम भरकर बदले में ज़्यादा रकम पाने के फ़ायदे के साथ ही, को-पेमेंट की कम मांग का भी फ़ायदा मिलता है.

    अगर आप 30 साल के हो चुके हैं या इससे भी ज़्यादा की उम्र में भी किसी तरह की पॉलिसी लेने का इरादा नहीं बना पाए हैं, तो भी ज़्यादा प्रीमियम भरकर ये सुविधाएं लेना बेहतर है. ऐसा करने से कम से कम आप मन का सुकून और सुरक्षा दोनों पा सकते हैं. यहां तक कि आपके रिटायर होने में अगर सात-आठ साल भी बचे हों और आपको कर्मचारियों को सुविधा के तौर पर मिलने वाला हेल्थ कवर मिला हुआ है, तब भी एक निजी हेल्थ कवर प्लान ज़रूरी है. आपको गंभीर बीमारियों को कवर देने वाला और आपकी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को टॉप-अप जो लंबे समय तक सुरक्षा देने वाले हेल्थ प्लान को ही चुनना चाहिए.

    एक बेहतरीन हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के कुछ खास फ़ायदों में शामिल हैं:
    - मेडिकल ज़रूरतों पर होने वाले खर्च का समय से रिइंबर्समेंट (पैसा वापस) मिलना.
    - गंभीर बीमारी के इलाज में किस्तों में (लंप-सम पेमेंट) रकम जमा करने की सुविधा
    - अस्पताल में एडमिट होने पर रोज़ाना कैश देकर पेमेंट करना.
    - टैक्स में छूट मिलना.

    अगर आप भी 60 साल की उम्र के इस पड़ाव पर इंश्योरेंस प्लान लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो HDFC Life के पास आपके लिए कई बेहतरीन प्लान मौजूद हैं. आसान से ऐड-ऑन, आपकी ज़रूरतों के ध्यान में रखते हुए, गंभीर बीमारियों के इलाज का कवरेज, सर्जरी के खर्च, अस्पताल के खर्च जैसे कई फ़ायदे उनमें शामिल हैं. ये प्लान आपकी समझ से कहीं ज़्यादा सरल हैं.

    अपने लिए उपलब्ध सभी प्लान देखने के लिए यहां क्लिक करें और अपना मनचाहा प्लान चुनें.

    टैक्स में छूट पाने के लिए अपना बेहतरीन पोर्टफ़ोलियो तैयार करें.

    आगे आने वाले सालों की तैयारी करने का एक और तरीका ये है कि आप अपने स्वास्थ्य पोर्टफोलियो को ज़्यादा से ज़्यादा अच्छा बनाएं और इसके लिए अपनी बचत का एक बेहतरीन इस्तेमाल करें.

    हेल्थ इंश्योरेंस प्लान – आप अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80 (डी) के तहत 15,000 रुपये (60 से कम उम्र वालों के लिए) की आयकर में छूट पा सकते हैं. अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं, तो कटौती की सीमा 20,000 रुपये से ज़्यादा है. आप 15,000 रुपये की सीमा के भीतर 5,000 रुपये की कटौती भी पा सकते हैं जो आपके हेल्थ चेकअप के लिए क्लेम करने पर मिल सकती है.

    गंभीर बीमारी के उपचार – बात जब किसी गंभीर बीमारी पर खर्च की आती है, जैसे कि किडनी फ़ेल होना, कैंसर और एड्स, तो आप धारा 80DDB के तहत 40,000 रुपये तक की कटौती पा सकते हैं. जैसे ही आप 60 साल पार करते हैं, यह सीमा बढ़कर 65,000 रुपये हो जाती है.

    पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) – पीपीएफ़ (PPF) में निवेश करने से धारा 80 C के तहत 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है, जबकि आपको मिलने वाली आय धारा 10 (10) D के तहत टैक्स-फ़्री है.

    मासिक आय योजनाएं - इस तरह की निवेश योजना के साथ, आपके आय पर लंबे समय तक पूंजीगत लाभ के रूप में टैक्स लगाया जाता है, जो बिना इंडेक्सेशन के 10 प्रतिशत और इंडेक्सेशन के साथ 20 प्रतिशत है.

    हिसाब लगाएं कि आपको कितनी बचत करने और कैसे शुरू करने की ज़रूरत है.

    ये जानने के लिए कि भविष्य में आपके पास किस तरह के खर्च होंगे, उसके लिए आपके वर्तमान परिदृश्य पर ध्यान देने की ज़रूरत है. एक बार जब आपके पास कम से कम तीन साल का डेटा इकट्ठा होता है, तो आप इस आंकड़े में 10-15% हर प्रति वर्ष जोड़कर एक सटीक अनुमान लगा सकते हैं.

    अपनी जीवनशैली से संबंधित स्वास्थ्य जोख़िमों, अपनी मेडिकल हिस्ट्री, वंशानुगत बीमारियों के बारे में सोचें, साथ ही आपको अपने जीवनसाथी की चिकित्सा ज़रूरतों के लिए भी सोचना चाहिए. भविष्य के लिए बचत करने की योजना बनाते समय इन सभी बातों को ध्यान में रखें.

    यहां तक कि अगर आपके पास एक हेल्थ पॉलिसी है, तो भी आपके पास पहले से ही स्वास्थ्य की देखभाल, पहले या बाद के अस्पताल में भर्ती होने के शुल्क जैसे खर्च होंगे जो आपको अपनी जेब से भरने होंगे. 15-20 लाख के बफ़र, एक हेल्थ कवर शुरू करने और फिर जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, उसके लिए बिल्कुल ठीक रकम है.

    60 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले अपने-आप से पूछने के लिए कुछ सवाल:
    - आपके मेडिकल इतिहास और वर्तमान स्थिति को देखते हुए, क्या आपका कवरेज पर्याप्त है?
    - क्या आपके इंश्योरेंस प्रोवाइडर के पास एक बड़ा नेटवर्क है, जो आपके आसपास के क्षेत्र में भी उपलब्ध है?
    - इमरजेंसी की स्थिति और पहले से मौजूद स्थितियों में आपको किस तरह की सुरक्षा मिलती है?

    जब आप अपने जीवन के बीत चुके पलों पर घड़ी वापस नहीं ला सकते हैं, तो बहुत सारे तरीके हैं जिनसे आप अपनी स्वास्थ्य सेवा की लागत का अनुमान लगा सकते हैं और खर्च, बचत, और निवेश के लिए एक अच्छी रणनीति बना सकते हैं. ये अन्य ख़र्चों के लिए आपके रिटायरमेंट की बचत को बेहतर ढंग से संभाल सकती है. HDFC Life पर लॉग इन करें, ताकि आप अपने और अपने परिवार के लिए सबसे विश्वसनीय और भरोसेमंद वित्तीय सुरक्षा पा सकें.

    ये  पार्टनर्ड कॉन्टेंट है.

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