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निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए जल्लाद बनने को तैयार ये हेड कांस्टेबल

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Updated: December 8, 2019, 8:27 AM IST
निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए जल्लाद बनने को तैयार ये हेड कांस्टेबल
निर्भया गैंगरेप मामले के चारों दोषी (File Photo)

निर्भया (Nirbhaya) के दोषियों को भी जल्द से जल्द फांसी देने की मांग हो रही है. इस बीच खबर आई थी कि तिहाड़ जेल के पास जल्लाद न होने के कारण दोषियों को फांसी देने की तारीख तय नहीं हो पा रही है.

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  • Last Updated: December 8, 2019, 8:27 AM IST
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रामनाथपुरम. तेलंगाना पुलिस (Telangana Police) की ओर से हैदराबाद (Hyderabad) की महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप (Gangrape) के बाद हत्या करने के सभी आरोपियों के एनकाउंटर के बाद अब निर्भया (Nirbhaya) के दोषियों को भी जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की गई है. इसी बीच खबर आई थी कि तिहाड़ जेल के पास जल्लाद न होने के कारण दोषियों को फांसी देने की तारीख तय नहीं हो पा रही है. इस खबर के बाद तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के एक हेड कांस्टेबल ने तिहाड़ जेल में मृत्युदंड पाए दोषियों को फांसी पर लटकाने वाला जल्लाद बनने की पेशकश की है.

दिल्ली में कारावास डीजीपी को लिखे पत्र में हेड कांस्टेबल सुभाष श्रीनिवास ने कहा, 'मैं तिहाड़ जेल में जल्लाद के तौर पर काम करना पसंद करूंगा'. उन्होंने कहा कि उन्हें इस काम के लिए किसी तरह का भुगतान नहीं चाहिए. श्रीनिवास ने कहा कि निर्भया मामले में मृत्युदंड पाए चार दोषियों को फांसी पर लटकाया जाना है. श्रीनिवास को जब पता चला कि तिहाड़ जेल में जल्लाद नहीं है तो उन्होंने यह काम करने की पेशकश की.

Delhi gang rape convicts Akshay Thakur, Mukesh Singh, Vinay and Pawan Gupta whose death sentence was confirmed by the Supreme Court
निर्भया गैंगरपे के दोषी अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय और पवन गुप्ता. (फाइल फोटो)


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गौरतलब है कि अफजल गुरु को 43 साल की उम्र में 09 फरवरी 2013 को तिहाड़ जेल के कारागार नंबर 3 में फांसी पर लटकाया गया था, लेकिन अफजल को फांसी पर लटकाने वाले जल्लाद का नाम आज तक गुप्त रखा गया है. यह 2 दशक बाद होने वाली फांसी थी, क्योंकि इससे पहले तिहाड़ जेल में ही साल 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी पर लटकाया गया था. उनके हत्यारों को फांसी पर चढ़ाने वाले जल्लादों का नाम कालू और फकीरा था. अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के बाद से किसी को भी फांसी नहीं दी गई है.

Nirbhaya Gang Rape, Ajit Anjum, Gang Rape, Sting Operation
दिसंबर 2012 में हुई निर्भया गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था.


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निर्भया मामला 16 दिसंबर 2012 का है. चलती बस में एक लड़की का बर्बरता से रेप किया गया. गैंगरेप के बाद निर्भया 13 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही और आखिरकार 29 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया था. इस गैंगरेप की दुनियाभर में निंदा हुई थी. देश में कहीं शांतिपूर्ण, तो कहीं उग्र प्रदर्शन भी हुए थे. दिल्ली में प्रदर्शन के उग्र होने पर मेट्रो सेवा बंद करनी पड़ी थी. रायसीना हिल्स रोड पर तो दिल्ली पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था.

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First published: December 8, 2019, 8:18 AM IST
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