स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने संसद में कहा- जल्‍द मिलेगी कोरोना से जीत, टीकों पर चल रहा काम

हर्षवर्धन ने संसद में दी जानकारी.
हर्षवर्धन ने संसद में दी जानकारी.

लोकसभा में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh vardhan) ने कहा कि भारत में 3 वैक्सीन ट्रायल (Coronavirus vaccine) के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण में हैं. चार टीके प्री क्लिनिकल मूल्यांकन के उन्नत चरण में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 3:22 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) का ग्राफ दिनोंदिन बढ़ रहा है. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के रोजाना 90 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. वहीं बड़ी संख्‍या में लोगों की मौत भी हो रही है. ऐसे में हर कोई कोरोना वायरस की वैक्‍सीन की आस लगाए है. इस बीच स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Harsh vardhan) ने कोरोना वायरस (Coronavirus Vaccine) को लेकर संसद में जानकारी दी है. उन्‍होंने रविवार को लोकसभा में कहा है कि कोरोना वायरस से जीत हमें जल्‍द मिलेगी. देश में कोविड-19 के टीके के विकास का काम प्रगति पर है लेकिन जब तक यह नहीं आता है तब तक दो गज दूरी सहित सामाजिक व्यवहार ही टीका है.

लोकसभा में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि दुनिया में कोविड-19 महामारी के 145 टीके प्री क्लिनिकल मूल्यांकन के स्तर पर हैं और इसमें से 35 का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है. उन्होंने कहा कि भारत में 30 टीकों के लिए समर्थन दिया गया है जो विकास के विभिन्न स्तरों पर हैं. इसमें से 3 वैक्सीन ट्रायल के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण में हैं. चार टीके प्री क्लिनिकल मूल्यांकन के उन्नत चरण में हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'टीके के विकास का काम प्रगति पर है लेकिन जब तक यह नहीं आता है तब तक दो गज दूरी सहित सामाजिक व्यवहार ही टीका है.' हर्षवर्धन ने कहा कि वायरस के शोध की दिशा में 2000 से ज्यादा वायरसों की जीनोम श्रृंखला तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में 110 प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को समर्थन दिया गया है.




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हर्षवर्धन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने के सरकार के साहसिक फैसले को लागू करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर लोगों द्वारा ‘जनता कर्फ्यू’ का पालन करना इस बात का प्रमाण है कि भारत इस महामारी के खिलाफ मिलकर खड़ा रहा. उन्होंने कहा, 'एक समय था जब पीपीई किट का स्वदेशी उत्पादन नहीं हो रहा था. आज इस दिशा में आत्मनिर्भर है.' उन्होंने कहा कि आज प्रतिदिन 10 लाख से ज्याद किट रोज बनाने की क्षमता हो गई है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि का ठीक से उपयोग किया गया है और इस दौरान राज्यों को समर्थन भी दिया गया .उन्होंने कहा कि 17 हजार समर्पित कोविड केंद्र बनाएं गए, 1773 कोविड जांच केंद्र बन गए.

हर्षवर्धन ने कहा कि देश में 6.37 करोड़ कोविड-19 जांच हो चुके हैं . आज भी 12 लाख टेस्ट हुए हैं. उन्होंने कहा कि सुनियोजित तरीके से इस स्थिति से निपटने का काम किया गया और इसके तहत आवश्यक वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई. बता दें कि चर्चा के दौरान कांग्रेस, डीएमके, सपा सहित अनेक विपक्षी दलों के सदस्यों ने केंद्र सरकार पर कोरोना वायरस संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस महामारी को लेकर सरकार के स्तर पर कोई तैयारी नहीं थी.
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