सोशल डिस्‍टेंसिंग ही कोविड 19 के खिलाफ सबसे प्रभावी वैक्‍सीन, हम जंग में सफल होंगे: डॉ. हर्षवर्धन

सोशल डिस्‍टेंसिंग ही कोविड 19 के खिलाफ सबसे प्रभावी वैक्‍सीन, हम जंग में सफल होंगे: डॉ. हर्षवर्धन
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने दी जानकारी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr. harsh vardhan) ने कहा कि कोविड-19 (Covid 19) के खिलाफ लड़ाई में भारत अन्य देशों की तुलना में सभी मानकों पर बेहतर काम कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 10:04 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr. harsh vardhan) ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि देश में इस समय सोशल डिस्‍टेंसिंग (Social Distancing) ही कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के खिलाफ सबसे प्रभावी टीका (Vaccine) है. उन्‍होंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत अन्य देशों की तुलना में सभी मानकों पर बेहतर काम कर रहा है और आगामी कुछ सप्ताह में इस निर्णायक युद्ध को जीतने में सफलता मिलनी चाहिए.

नीति आयोग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कोविड-19 से जुड़े मुद्दों पर नागरिक समाज के संगठनों और गैर सरकारी संगठनों के साथ चर्चा में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस तरह के संगठन यह सुनिश्चित करने के लिए अथक रूप से काम कर रहे हैं कि अंतिम पायदान तक आवश्यक संसाधन पहुंचें.

भारत की तैयारियों और इनके परिणामों के बारे में हर्षवर्धन ने कहा, 'कोविड-19 के खिलाफ इस युद्ध को जीतने की दिशा में हम काफी आगे हैं. देश ने शेष दुनिया के मुकाबले सभी मानकों पर बेहतर काम किया है.'



हम जंग में सफल होंगे
डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने दावा किया, 'मुझे विश्वास है कि आगामी कुछ सप्ताह में हम कोविड-19 के खिलाफ निर्णायक युद्ध जीतने में सफल होंगे.' उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग एक हजार स्थानों पर कोरोना वायरस के उत्पत्ति संबंधी अनुक्रमण पर काम कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा, 'हमारे पास आधा दर्जन वैक्सीन कैंडिडेट हैं, जिनमें से चार महत्वपूर्ण रूप से आगे के चरण में हैं.'



देश में रोजाना बन रहे 1 लाख मास्‍क और पीपीई
स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी भी दी कि देश में 108 मैन्‍यूफैक्‍चरर हर रोज 1 लाख व्यक्तिगत रक्षात्मक उपकरण (पीपीई) बना रहे हैं. साथ ही देश में प्रति दिन 1 लाख एन-95 मास्‍क भी बनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मई में, हमारे पास स्वदेश निर्मित अच्छी गुणवत्ता की एंटी-बॉडी टेस्ट किट और कोरोना वायरस का पता लगाने वाली किट भी अच्छी-खासी संख्या में होंगी.'

नौ लाख लोग सामुदायिक निगरानी में हैं
फंसे प्रवासी मजदूरों के आवागमन पर प्रतिबंधों में केंद्र के ढील देने संबंधी चुनौतियों के बारे में उन्होंने कहा कि प्रवासी मजूदरों को उनके गृह नगरों में फिर से समायोजित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों से काफी मदद की जरूरत होगी क्योंकि वापस जाने पर उन्हें समाज में कुछ विरोध का सामना करना पड़ सकता है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक नौ लाख लोग सामुदायिक निगरानी में हैं. यह पिछले तीन महीनों में किया गया एक बड़ा अभियान है.

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि देश में 129 जिले कोरोना वायरस के हॉटस्‍पॉट के रूप में चिह्नित हैं. वहीं 297 जिले नॉन हॉटस्‍पॉट हैं. इसके अलावा 300 जिले संक्रमण से प्रभावित नहीं हैं.

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