डॉ. हर्षवर्धन का मनमोहन सिंह को जवाब, कहा- कांग्रेस के लोग नहीं समझते वैक्‍सीनेशन की अहमियत

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चिट्ठी का दिया जवाब. 
 (File Photo)

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चिट्ठी का दिया जवाब. (File Photo)

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने कहा है कि ऐसे असाधारण समय में अगर कांग्रेस (Congress) के नेता अगर मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) की बेशकीमती सुझाव मान लें और आपसी सहयोग बनाकर रखें तो अच्‍छी बात होगी.

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  • Last Updated: April 19, 2021, 2:30 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में तेजी से बढ़ते कोरोना (Corona) संक्रमण के मामलों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को चिट्ठी लिखकर कुछ सुझाव दिए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री की चिट्ठी पर अब केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्‍होंने कहा है कि ऐसे असाधारण समय में अगर कांग्रेस के नेता मनमोहन सिंह के बेशकीमती सुझाव मान लें और आपसी सहयोग बनाकर रखें तो अच्‍छी बात होगी.

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने चिट्ठी पर पलटवार करते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि जिन लोगों ने ये चिट्ठी आपके के लिए तैयार की है उन्‍होंने आपको पूरी सच्‍चाई से अवगत नहीं कराया है. कोरोना वैक्सीन के आयात को मंजूरी देने की आपने जो मांग 18 अप्रैल को की है, उसे 11 अप्रैल को ही इजाजत दे दी गई थी. इसके साथ ही वैक्सीन निर्माण से जुड़े जो सुझाव आपने दिए हैं उस पर सरकार पहले ही काम कर रही है.'



स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया, 'कोरोना वैक्‍सीन को ज्‍यादा से ज्‍यादा मात्रा में तैयार करने के लिए कई वैक्सीन निर्माण संस्थाओं को वित्त पोषित किया गया है. चिट्ठी के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री ने कोरोना टीकाकरण को लेकर चिंता जताई है, लेकिन आपकी कांग्रेस पार्टी के शीर्ष पदों पर बैठे लोग ही कोरोना वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम में हिस्‍सा नहीं ले रहे हैं. अभी तक कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता ने हमारे वैज्ञानिकों की तारीफ नहीं की है.'
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मनमोहन सिंह ने दिया था ये सुझाव



बता दें कि मनमोहन सिंह ने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार को यह भी जाहिर करना चाहिए कि कोरोना की इन वैक्‍सीन की डोज को किस तरह पारदर्शी तरीके से राज्‍यों को वितरित किया जाएगा. मनमोहन सिंह ने कहा है कि हमने कितने लोगों का टीकाकरण किया गया इस तरफ देखने के बजाए कितनी फीसदी आबादी का टीकाकरण किया गया, इस पर ध्यान देना चाहिए. उन्‍होंने कहा है कि सरकार को राज्‍यों को फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणियों को तय करने की छूट दी जाए. जिससे कि जरूरी सेवाओं में लगे उन फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी टीका लग सके जो 45 वर्ष से कम हों और जिन्‍हें राज्‍य सरकारों ने फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में रखा हो.
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