कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के संक्रमितों की संख्या बढ़कर 38 हुई: स्वास्थ्य मंत्रालय

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से पीड़ित मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. (सांकेतिक फोटो-AP)

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से पीड़ित मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. (सांकेतिक फोटो-AP)

New Strain of Coronavirus: स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार की दी गई जानकारी के मुताबिक देश में अब 38 लोग वायरस के नए स्ट्रेन के शिकार हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 7:08 PM IST
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नई दिल्ली. ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन (New Strain of Coronavirus) से पीड़ित मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार की दी गई जानकारी के मुताबिक देश में अब 38 लोग वायरस के नए स्ट्रेन के शिकार हैं. नए स्ट्रेन मिलने के बाद केंद्र सरकार ने ब्रिटेन से यातायात पर पाबंदियां लगाई हैं, लेकिन नया स्ट्रेन मरीजों के जरिए भारत में प्रवेश कर चुका है. केंद्र की ओर राज्यों को खास एहतियात बरतने को कहा गया है.

इससे पहले, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा था कि ब्रिटेन में सामने आये कोरोना वायरस के नये प्रकार (स्ट्रेन) का भारत ने सफलतापूर्वक ‘कल्चर’ किया है. ‘कल्चर’ एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत कोशिकाओं को नियंत्रित परिस्थितियों के तहत उगाया जाता है और आमतौर पर उनके प्राकृतिक वातावरण के बाहर ऐसा किया जाता है. आईसीएमआर ने एक ट्वीट में दावा किया कि किसी भी देश ने ब्रिटेन में पाये गये सार्स-कोवि-2 के नये प्रकार को अब तक सफलतापूर्वक पृथक या ‘कल्चर’ नहीं किया है. आईसीएमआर ने कहा कि वायरस के ब्रिटेन में सामने आये नये प्रकार को सभी स्वरूपों के साथ राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में अब सफलतापूर्वक पृथक और कल्चर कर दिया गया है. इसके लिए नमूने ब्रिटेन से लौटे लोगों से एकत्र किये गये थे.

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उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन ने हाल ही में घोषणा की थी कि वहां लोगों में वायरस का एक नया प्रकार पाया गया है, जो 70 प्रतिशत तक अधिक संक्रामक है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि सार्स-कोवी-2 के इस नये ‘स्ट्रेन’ से भारत में अब तक कुल 38 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने कहा था कि 8 जनवरी से ब्रिटेन के साथ हवाई यातायात फिर से शुरू हो जाएगा, हालांकि बढ़ते मामलों के बीच सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है.
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