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कोविड-19: टेस्टिंग तेज करे और 1% से कम की मृत्युदर सुनिश्चित करे बंगाल- स्वास्थ्य मंत्रालय

कोविड-19: टेस्टिंग तेज करे और 1% से कम की मृत्युदर सुनिश्चित करे बंगाल- स्वास्थ्य मंत्रालय

कोलकाता में फेसमास्क पहनकर एक बस का इंतजार करते यात्री (फोटो- AP)

कोलकाता में फेसमास्क पहनकर एक बस का इंतजार करते यात्री (फोटो- AP)

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने कहा कि प. बंगाल (West Bengal) प्रतिदिन लगभग 1,600 मामलों की रिपोर्ट कर रहा है और पिछले चार दिनों में कुल सक्रिय मामलों (Active Cases) में से 93% मामले रिपोर्ट किए गये हैं.

    कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में COVID-19 मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Union Ministry of Health and Family Welfare) ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव (Health Secretary) को पत्र लिखा है. इस पत्र में प्रसार की दर को कम करने के लिए और साथ ही मामलों में मृत्यु की दर (Mortality Rate) को नीचे रखने के लिए नए सिरे से प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है. मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल (Luv Agarwal) ने बंगाल (West Bengal) के स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम को लिखे पत्र में कहा, "मृत्यु दर को 1% से कम रखने के लिए, साप्ताहिक मामलों में हुई मौतों पर नजर रखने की जरूरत है और कार्रवाई नीचे दिए बिंदुओं के अनुसार की जानी चाहिए."

    मंत्रालय ने कहा कि बंगाल (West Bengal) प्रतिदिन लगभग 1,600 मामलों की रिपोर्ट कर रहा है और पिछले चार दिनों में कुल सक्रिय मामलों (Active Cases) में से 93% मामले रिपोर्ट किए गये हैं. यह भी कहा कि कोलकाता (Kolkata), हावड़ा, उत्तर 24-परगना, दक्षिण 24-परगना के साथ-साथ झारग्राम, पुरुलिया, नादिया, पूर्वी मिदनापुर, हुगली और नदिया हॉटस्पॉट (Hotspot) के तौर पर उभर रहे है. जहां पर तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है.

    पिछले तीन हफ्तों में पॉजिटिव पाये जाने की प्रवृत्ति से बढ़ी चिंता
    अग्रवाल ने कहा, “कोलकाता से आने वाले मामलों की बढ़ती संख्या के कारण, संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एक मजबूत रणनीति विकसित करने की आवश्यकता है. राष्ट्रीय औसत की तुलना में पूरा परीक्षण बहुत कम रहा है. अग्रवाल ने कहा कि पिछले तीन हफ्तों में मामलों के पॉजिटिव पाये जाने की बढ़ती प्रवृत्ति भी चिंता का कारण है.

    प्रसार को दबाने के लिए, मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि राज्य लॉकडाउन का उपयोग मामलों और मौतों के प्रबंधन के लिए कंटेनमेंट और बफर जोन, निगरानी और परीक्षण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

    80% मामले संक्रमित पाए गये लोगों के संपर्क में आए लोगों के
    इसमें कहा गया है, "कंटेनमेंट ज़ोन और बफर ज़ोन को मामलों और संपर्कों की मैपिंग के आधार पर उपयुक्त रूप से मामलों की जांच की जानी चाहिए." अग्रवाल ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया कि नए मामलों में से कम से कम 80% मामले रोगियों के करीबी संपर्क में आए लोगों के हैं. इसलिए पुष्टि होने के 72 घंटे के भीतर ऐसे लोगों को क्वारंटाइन किया जाना चाहिए.

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    उन्होंने कहा, “परीक्षण के संदर्भ में, राज्य को प्रति दिन प्रति लाख न्यूनतम 14 परीक्षण करने का लक्ष्य रखना चाहिए, जबकि 10% से कम का पॉजिटिव रेट सुनिश्चित करना चाहिए. आईसीएमआर प्रोटोकॉल के अनुसार सभी बिना लक्षण वाले उच्च-जोखिम वाले संपर्कों और हल्के रोगसूचकों का अनिवार्य रूप से परीक्षण किया जाना चाहिए.”

    Tags: Coronavirus, Coronavirus Death Rate, COVID-19 pandemic, Health ministry, Medical testing, West bengal

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