COVID-19: कोरोना की दूसरी लहर में क्या युवा हुए ज्यादा शिकार? जानें क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

महामारी की दोनों लहरों में अधिकतम मामले 21-50 आयु वर्ग में आए.

कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) के पीक से अब तक रोज मिलने वाले मरीजों की संख्या में 85% कमी आई है. इन्फेक्शन रेट में भी लगातार कमी आई है. 75 दिनों बाद यह स्थिति बनी है.

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    नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) धीमी पड़ चुकी है. कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में ज्यादा युवाओं और बच्चों के संक्रमित होने की आशंका जाहिर की गई थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना महामारी की दोनों लहरों में उम्र के हिसाब से मामलों में कोई खास बदलाव नहीं आया. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को बताया कि पहली लहर में 1 से 10 साल उम्र के 3.28% बच्चे संक्रमण की चपेट में आए थे. दूसरी लहर के दौरान यह आंकड़ा 3.05% रहा. पहली लहर में 11 से 20 साल उम्र के 8.03% और दूसरी लहर में 8.5% लोग संक्रमित हुए.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोविड की दूसरी लहर के पीक से अब तक रोज मिलने वाले मरीजों की संख्या में 85% कमी आई है. इन्फेक्शन रेट में भी लगातार कमी आई है। 75 दिनों बाद यह स्थिति बनी है. कोरोना की पहली लहर के आंकड़े पिछले साल जुलाई और दिसंबर के बीच ली गई थी. दूसरी लहर के लिए मार्च से मई 2021 तक के आंकड़ों को शामिल किया गया है.

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    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, महामारी की दोनों लहरों में अधिकतम मामले 21-50 आयु वर्ग में आए. इसमें कामकाजी आबादी का बड़ा हिस्सा शामिल था. 21-30 आयु वर्ग में कोरोना की पहली लहर में 21.21 प्रतिशत मामले दर्ज हुए, जबकि दूसरी लहर में यह मामूली रूप से बढ़कर 22.49 प्रतिशत हो गया. वहीं, 31-40 आयु वर्ग में पहली लहर में 21.23 फीसदी लोग संक्रमित हुए थे, जो इस साल बढ़कर 22.70 फीसदी हो गया. 41-50 आयु समूह में पहली लहर में 17.30 प्रतिशत मामले आए और दूसरी लहर में इसमें 17.26 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई.

    कोविड -19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉक्टर वी के पॉल ने कहा- 'अब यह साफ है कि कोरोना महामारी की पहली लहर और दूसरी लहर में उम्र करीब एक समान है. हमने अधिक युवा लोगों संक्रमित होते इसलिए देखा, क्योंकि ये मामले बहुत ही कम समय में सामने आए.'

    हालांकि, वीके पॉल ने कहा कि बच्चों में कोविड संक्रमण, जो ज्यादातर एसिम्प्टोमैटिक होते हैं; उन्हें अगले सिरो सर्वे में कवर कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा, 'बच्चों में हर मामले की पुष्टि नहीं होगी, क्योंकि अगर वो एसिम्प्टोमैटिक हैं, तो उनकी टेस्टिंग नहीं की जाएगी.'

    स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि डेटा इस दावे को भी खारिज करता है कि कोरोना की तीसरी लहर युवा और बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगी. उन्होंने कहा- 'डेटा दिखाता है कि हमें हर आयु वर्ग के लिए सतर्क रहने की जरूरत है.'

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    स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को फिर दोहराया कि टीकाकरण सेवाओं का लाभ उठाने के लिए कोविन पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पहले बुकिंग अनिवार्य नहीं है. लव अग्रवाल ने बताया कि अब तक देश में 26 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीनेशन एडिशनल टूल है. सभी को मास्क और सोशल डिस्टेंस का पालन करना चाहिए. सफर करने से जितना हो सके बचें.

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