लाइव टीवी

डॉक्टरों को हिंसा से बचाने के लिए कानून बना रहा है स्वास्थ्य मंत्रालय : स्वास्थ्य राज्य मंत्री

भाषा
Updated: December 24, 2019, 6:40 PM IST
डॉक्टरों को हिंसा से बचाने के लिए कानून बना रहा है स्वास्थ्य मंत्रालय : स्वास्थ्य राज्य मंत्री
डॉक्टर पर हुए हमले की घटना के बाद प्रदर्शन करते एम्स के डॉक्टर (फाइल फोटो, ANI)

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (Minister of State for Health and Family Welfare) अश्विनी कुमार चौबे (Ashwini Kumar Chaubey) ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के 20वें दीक्षांत समारोह में कहा, ‘‘चिकित्सकों पर ड्यूटी के दौरान होने वाले हमलों की सच्चाई से सरकार अवगत है. इसके मद्देनजर सरकार डॉक्टरों (Doctors) की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. इसके लिए कानून का मसौदा बनाया जा रहा है.’’

  • Share this:
नई दिल्ली. डॉक्टरों (Doctors) की सुरक्षा के लिए अलग से कानून बनाने की पहल को गृह मंत्रालय (Home Ministry) द्वारा नकारे जाने के बावजूद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Ministry of Health) ने कहा है कि कानून बनाने के बारे में गंभीरता से विचार चल रहा है.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (Minister of State for Health and Family Welfare) अश्विनी कुमार चौबे (Ashwini Kumar Chaubey) ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के 20वें दीक्षांत समारोह में कहा, ‘‘चिकित्सकों पर ड्यूटी के दौरान होने वाले हमलों की सच्चाई से सरकार अवगत है. इसके मद्देनजर सरकार डॉक्टरों (Doctors) की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. इसके लिए कानून का मसौदा बनाया जा रहा है.’’

डॉ. हर्षवर्धन ने भी की पृथक कानून पर विचार-विमर्श की पुष्टि
समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और मंत्रालय की सचिव प्रीति सूदन भी मौजूद थीं. समारोह के बाद संवाददाताओं से बातचीत में डॉ. हर्षवर्धन ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पृथक कानून बनाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श चल रहा है. गृह मंत्रालय द्वारा इस विचार को पहले ही नकार दिये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक के विभिन्न पहलुओं पर अभी विचार चल रहा है.’’

उल्लेखनीय है कि मंत्रालय ने चिकित्साकर्मियों (Medical Staff) और चिकित्सा संस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रावधानों वाले विधेयक का मसौदा तैयार कर इसे संसद के हाल ही में संपन्न हुए शीतकालीन सत्र में पेश करने की तैयारी कर ली थी.

विषय से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रख दिया जाएगा अंतिम रूप
विधेयक को कानून मंत्रालय की मंजूरी मिल गयी थी लेकिन गृह मंत्रालय ने यह कहते हुए इस विधेयक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था कि किसी खास पेशे से जुड़े लोगों की सुरक्षा के लिए अलग से कानून बनाना उचित नहीं होगा. भारतीय दंड संहिता (IPC) और दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) में सभी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं.समारोह में मौजूद मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी (Senior Officer) ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़े कानून के मसौदे को तैयार करने की दिशा में काम चल रहा है. इस विषय से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.

25 अस्पतालों को सुपर स्पेशिएलिटी बनाने की कही बात
चौबे ने कहा कि देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए 2024 तक सरकारी अस्पतालों को लगभग एक लाख नए डॉक्टर मिल जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए चिकित्सा स्नातक (MBBS) की सीटों में इजाफे के लिए देश में 75 नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. इनमें 58 कॉलेज तैयार हो गए हैं, शेष कॉलेज 2022 तक बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि इससे एमबीबीएस की 32 हजार और स्नातकोत्तर की 19 हजार नई सीटें उपलब्ध हो सकेंगी.

चौबे ने कहा कि मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को उन्नत कर सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में तब्दील किया जा रहा है. इनमें 25 अस्पतालों को सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल (Super Specialty Hospital) बनाया गया है.

यह भी पढ़ें: NPR में ना कागज, ना ही कोई सबूत, जो लोग कहेंगे वही माना जाएगा: जावड़ेकर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 24, 2019, 6:11 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर