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कोरोना: औरंगाबाद में बढ़ी सख्ती, स्वास्थ्य मंत्रालय ने सरकार को दिया बड़ा प्रस्ताव

भारत में कोरोना का कहर

भारत में कोरोना का कहर

PM Modi meeting on Corona: औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और पुलिस कमिश्नर ने 4 अप्रैल तक जिले में सार्वजनिक रूप से भीड़ के इकट्ठा होने पर बैन लगा दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2021, 7:01 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण करने का प्रस्ताव दिया है. CNN-News18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय ने यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में दिया. उधर, महाराष्ट्र के औरंगाबाद में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. ANI के मुताबिक औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और पुलिस कमिश्नर ने 4 अप्रैल तक जिले में सार्वजनिक रूप से भीड़ के इकट्ठा होने पर बैन लगा दिया है. आदेश के मुताबिक 5 से ज्यादा लोगों को एक जगह इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी. ये फैसला जिले में कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए लिया गया है.

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर बुधवार को चिंता जताई और इसे फिर से फैलने से रोकने के लिए ‘‘तीव्र और निर्णायक’’ कदम उठाने का आह्वान किया. कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति और देश भर में कोरोना के खिलाफ जारी टीकाकरण को सिलसिले में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से डिजिटल माध्यम से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कोरोना के मामले बढ़े हैं, जबकि देश के 70 जिलों में सकारात्मक मामलों की दरों में 150 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है.

'आत्मविश्वास को कमजोर ना पड़ने दें'
उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम इसे यहीं नियंत्रित नहीं कर सके तो इसके राष्ट्रव्यवापी फैलाव की स्थिति आ सकती है.’’ इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री ने तीव्र और निर्णायक कदम उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इस महामारी के खिलाफ भारत की अब तक की लड़ाई में जो आत्मविश्वास पैदा हुआ है, उसे लापरवाही से कमजोर नहीं पड़ने देना है. प्रधानमंत्री ने वायरस का फैलाव रोकने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जांच का दायरा बढ़ाने, बचाव के उपायों को लागू करने और टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाने सहित अन्य कदम उठाने को कहा.
PM ने की RT-PCR की वकालत


उन्होंने कहा कि लोग घबराए नहीं इसका भी ध्यान रखना है. साथ ही समस्या के समाधान का रास्ता भी सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि ‘‘जांच, पता लगाना और उपचार करने’’ के सिद्धांत का अब गंभीरता से पालन करना होगा. प्रधानमंत्री ने 70 प्रतिशत से अधिक आरटी पीसीआर जांच किए जाने की वकालत करते कहा कि केरल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य एंटीजन जांच पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हैं. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर टीकों की बर्बादी का मुद्दा भी उठाया और अधिक से अधिक टीकाकरण केंद्र बनाए जाने को कहा.

उन्होंने कहा कि भारत ने कोरोना वायरस का डटकर मुकाबला किया है और इस मामले में आज विश्व के देश भारत की नजीर देते हैं. उन्होंने दावा किया कि देश में कोरोना से ठीक होने की दर 96 प्रतिशत है, जबकि इससे होने वाली मौतों की दर विश्व में सबसे कम है.
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