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संसद में सरकार ने कहा- 16 जुलाई तक मिली कोवैक्सिन की 5.45 करोड़ डोज, कंपनी बढ़ाएगी उत्‍पादन

सरकार ने संसद में दी वैक्‍सीन खरीद की जानकारी. (File pic)

सरकार ने संसद में दी वैक्‍सीन खरीद की जानकारी. (File pic)

Corona Vaccine: स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक लिखित उत्तर में संसद को बताया है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा कोविशील्ड के उत्पादन की वर्तमान औसत क्षमता 11 करोड़ डोज प्रति महीना है. वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्सिन बनाने की यह क्षमता 2.5 करोड़ डोज है.

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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से निपटने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है. इसके लिए वैक्‍सीन निर्माता कंपनियों से लगातार बातचीत की जा रही है और उन्‍हें वैक्‍सीन (Corona Vaccine) के ऑर्डर दिए जा रहे हैं. इस बीच मंगलवार को सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि उसे भारत बायोटेक (Bharat Biotech) से छह महीने में 16 जुलाई तक कोवैक्सिन की 5.45 करोड़ डोज मिली हैं. कंपनी को जुलाई के अंत तक 8 करोड़ डोज सप्लाई करने के ऑर्डर मिले थे.

सरकार का कहना है कि कंपनी ने सूचित किया है कि वह जल्द ही अपने उत्पादन को बढ़ाकर 5.8 करोड़ खुराक प्रति महीने कर देगी. सरकार का कहना है कि अगर वैक्‍सीन निर्माताओं की ओर से तय समय पर वैक्‍सीन की डिलीवरी नहीं की जाती है तो इसके लिए आर्थिक दंड का भी प्रावधान है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक लिखित उत्तर में संसद को बताया है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा कोविशील्ड के उत्पादन की वर्तमान औसत क्षमता 11 करोड़ डोज प्रति महीना है. वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्सिन बनाने की यह क्षमता 2.5 करोड़ डोज है.

भारत लगभग 48 लाख खुराक के लिए भारत बायोटेक पर निर्भर है, और अगस्त से आपूर्ति के लिए 19 लाख खुराक का ऑर्डर दिया है. केंद्र ने अपने जवाब में कहा कि 1 जनवरी से 16 जुलाई के बीच कोवैक्सिन की 5.45 करोड़ खुराक की आपूर्ति में भारत सरकार, राज्य सरकार और निजी अस्पतालों द्वारा की गई खरीद शामिल है. इसी अवधि में सीरम इंस्टीट्यूट से कोविशील्ड की 36.01 करोड़ खुराकें प्राप्त हुई हैं, जिससे सरकार को बताया है कि वह जल्द ही अपने मासिक उत्पादन को बढ़ाकर 12 करोड़ खुराक कर देगी. सरकार ने संसद को बताया कि अब तक स्पूतनिक वी की 33 लाख डोज का आयात किया जा चुका है.

सरकार ने संसद में कहा कि भारत बायोटेक को अभी भी कोवैक्सिन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी मिलनी बाकी है. इसके लिए कंपनी ने 9 जुलाई, 2021 को डब्ल्यूएचओ को एक आवेदन भेजा था. अन्य कोविड टीकों की मंजूरी के लिए लगने वाले समय के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि डब्‍ल्‍यूएचओ-ईयूएल प्रक्रिया में आवेदन करने की तारीख से लगभग 2 से 3 महीने लगते हैं.

वहीं यह भी जानकारी दी गई है कि मॉडर्ना द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन को भारत के औषधि नियंत्रक द्वारा आपातकालीन इस्‍तेमाल के लिए मंजूर किया गया है, लेकिन फाइजर द्वारा निर्मित वैक्सीन को अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है. अमेरिका के डोनेशन प्रोग्राम के तहत अब तक मॉडर्ना और फाइजर के टीकों की कोई डोजज प्राप्त नहीं हुई है. NEGVAC इन टीकों की खरीद के लिए मॉडर्ना और फाइजर सहित अन्‍य वैक्सीन निर्माताओं के साथ विचार-विमर्श कर रहा है.

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