लाइव टीवी

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- अब रोड पर कोई मजदूर नहीं, 3 में से 1 गांव में ले गए वायरस

News18Hindi
Updated: March 31, 2020, 3:15 PM IST
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- अब रोड पर कोई मजदूर नहीं, 3 में से 1 गांव में ले गए वायरस
लॉकडाउन के बीच देश के अलग-अलग इलाकों से प्रवासी मजदूर अलग-अलग राज्यों में लौॅटे, जिंन्हें क्वारेंटाइन किया गया.

केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि 28 दिन के भीतर 3 लाख 48 हजार लोगों की निगरानी की गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2020, 3:15 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. लॉकडाउन (Lockdown In India) के बीच श्रमिकों के पलायन पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लोगों में दहशत कोरोना वायरस के खतरे से भी ज्यादा लोगों की जान ले सकता है. मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले और महामारी पर फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाय.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबड़े और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई में इस बात पर जोर दिया कि फेक न्यूज लोगों के बीच दहशत का माहौल बनाता है. ऐसे में आवश्यकता है कि केंद्र एक ऐसा रास्ता बनाये जिससे वह लोगों तक सीधे पहुंचे और कोरोनावायरस पर जानकारी मुहैया कराए.

सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को बताया कि 'हम आपको यह खासतौर से बताना चाहते हैं कि कोरोना वायरस से ज्यादा उसकी दहशत लोगों की जान ले लेगी. आपको जरूरत है जो लोगों को समझा सकें. आप भजन-कीर्तन, नमाज या जो भी आप चाहें, आप लोगों को मजबूत करें... सभी धर्मों के पुजारियों के जरिए संदेश पहुंचाएं.'



सुनवाई के दौरान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि 17 जनवरी से ही केंद्र की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई थीं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमारे देश ने सौभाग्य से जल्दी और निवारक कदम उठाए. मेहता ने बताया कि जिनमें भी लक्षण दिखे उन्हें तुरंत क्वारंटीन किया गया. सुनवाई के दौरान गृह सचिव और संयुक्त सचिव गृह सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के ऑफिस में मौजूद थे.



सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस वायरस के बारे में हमें 5 जनवरी को पता चला और हमने 17 जनवरी से तैयारियां शुरू कर दीं. ऐसे में हम वायरस को संतोषजनक स्तर पर नियंत्रित कर पाए हैं. उन्होंने कहा कि जो अन्य देशों ने किया हमने उससे भी आगे के कदम उठाए. भारत में कोई केस सामने आने से पहले ही हमने थर्मल स्कैनिंग शुरू कर दी थी.

3 लाख 48 हजार लोगों की निगरानी
मेहता ने कहा कि जिसमें भी लक्षण पाये गए उसे तुरंत क्वारंटीन के लिए भेजा गया. जिनमें लक्षण नहीं पाये गए उन्हें भी सलाह दी गई कि वे 14 दिन तक होम क्वारंटीन में रहे. उन्होंने कहा कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम बनाया गया ताकि इस पर नजर रखी जा सके कि किसी यात्री पर 14 दिन के भीतर किस किस्म के लक्षण दिखे.

केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मौजूद मेहता ने बताया कि 28 दिन के भीतर 3लाख 48 हजार लोगों की निगरानी की गई. श्रमिकों के पलायन पर केंद्र ने कहा कि अब रोड पर कोई मजदूर नहीं है. उन्होंने बताया कि 3 में 1 मजदूर अपने गांव वायरस ले गया है.

यह भी पढ़ें:  लखनऊ: कैसरबाग की मरकजी मस्जिद में मिले किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के नागरिक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 31, 2020, 12:54 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading